Edited By Anu Malhotra,Updated: 11 Mar, 2026 05:15 PM

देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) इस समय चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है। सरकार ने नवंबर 2025 में आधिकारिक तौर पर इस आयोग का गठन कर दिया था। आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए...
नई दिल्ली: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) इस समय चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है। सरकार ने नवंबर 2025 में आधिकारिक तौर पर इस आयोग का गठन कर दिया था। आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। यदि सब कुछ तय समय सीमा के अनुसार रहा, तो नई वेतन व्यवस्था 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
प्रमुख अपडेट: सुझाव देने की प्रक्रिया शुरू
वित्त मंत्रालय ने एक पारदर्शी कदम उठाते हुए सभी हितधारकों से ऑनलाइन सुझाव मांगे हैं। केंद्रीय कर्मचारी, पेंशनभोगी और विभिन्न संगठन 30 अप्रैल 2026 तक वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों से जुड़े अपने सुझाव पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं।
सैलरी में कितनी हो सकती है बढ़ोतरी? (अनुमानित आंकड़े)
8वें वेतन आयोग में सबसे महत्वपूर्ण कारक 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) होगा। विशेषज्ञों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्मचारियों की सैलरी में 30% से 34% तक का उछाल देखने को मिल सकता है।
| विवरण |
वर्तमान (7th CPC) |
अनुमानित (8th CPC) |
| न्यूनतम बेसिक सैलरी |
₹18,000 |
₹46,260 (यदि 2.57 फिटमेंट फैक्टर लगा) |
| न्यूनतम पेंशन |
₹9,000 |
₹20,500 - ₹23,000 |
| फिटमेंट फैक्टर |
2.57 |
2.00 से 2.86 (संभावित) |
विशेष नोट: यदि आयोग की सिफारिशें लागू होने में देरी होती है, तो कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से लेकर वास्तविक कार्यान्वयन की तारीख तक का पूरा एरियर (Arrears) एकमुश्त दिया जाएगा।
ऐतिहासिक सफर: 1st से 7th वेतन आयोग तक का बदलाव
आजादी के समय से लेकर अब तक सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे में व्यापक बदलाव आए हैं। नीचे दी गई तालिका दर्शाती है कि कैसे समय के साथ न्यूनतम और अधिकतम वेतन में वृद्धि हुई:
| वेतन आयोग |
वर्ष |
न्यूनतम बेसिक सैलरी |
अधिकतम बेसिक सैलरी |
सैलरी अनुपात (Ratio) |
| पहला |
1946-47 |
₹55 |
₹2,000 |
1:36.4 |
| दूसरा |
1957-59 |
₹80 |
₹3,000 |
1:37.5 |
| तीसरा |
1972-73 |
₹196 |
₹3,500 |
1:17.9 |
| चौथा |
1986 |
₹750 |
₹8,000 |
1:10.7 |
| पांचवां |
1996 |
₹2,550 |
₹26,000 |
1:10.2 |
| छठा |
2006 |
₹7,000 |
₹80,000 |
1:11.4 |
| सातवां |
2016 |
₹18,000 |
₹2,50,000 |
1:13.9 |
8वें वेतन आयोग से क्या उम्मीदें रखें?
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फिटमेंट फैक्टर में सुधार: कर्मचारी संगठनों की मांग है कि निचले स्तर के कर्मचारियों (Level 1 to 5) के लिए फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाया जाए ताकि महंगाई के दौर में उन्हें राहत मिल सके।
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महंगाई भत्ते (DA) का विलय: चर्चा है कि नई गणना के समय मौजूदा महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में मर्ज किया जा सकता है।
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पेंशनर्स को राहत: बुजुर्ग पेंशनभोगियों के लिए अतिरिक्त पेंशन भत्तों और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
आगे क्या होगा? 30 अप्रैल तक सुझाव प्राप्त होने के बाद आयोग इनका विश्लेषण करेगा और अपनी अंतिम सिफारिशें सरकार को सौंपेगा। उम्मीद है कि 2026 के मध्य तक नई सैलरी स्ट्रक्चर की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।