राष्ट्रपति चुनाव : प्रधानमंत्री पहुंचे भाजपा मुख्यालय, संसदीय बोर्ड की बैठक आरंभ

Edited By Updated: 21 Jun, 2022 07:48 PM

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नयी दिल्ली, 21 जून (भाषा) आगामी राष्ट्रपति चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार के नाम पर मंथन के लिए मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में भाजपा की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था, संसदीय बोर्ड...

नयी दिल्ली, 21 जून (भाषा) आगामी राष्ट्रपति चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार के नाम पर मंथन के लिए मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में भाजपा की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था, संसदीय बोर्ड की बैठक आरंभ हुई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित संसदीय बोर्ड के अन्य सदस्य बैठक में मौजूद हैं।

भाजपा मुख्यालय पहुंचने पर नड्डा ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया।
राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दलों की ओर से संयुक्त उम्मीदवार के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को मैदान में उतारा गया है।

मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है। विपक्षी उम्मीदवार के रूप में सिन्हा के नाम की घोषणा के बाद अगले राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए 18 जुलाई को मतदान होना अब तय माना जा रहा है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया जारी है। 29 जून नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है।
भाजपा संसदीय बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक से पहले आज पूर्वाह्न अमित शाह और राजनाथ सिंह ने नड्डा के साथ उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात की थी। इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि सत्ताधारी राजग उन्हें राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बना सकता है।

नायडू सोमवार को दिल्ली से तीन दिवसीय यात्रा पर हैदराबाद पहुंचे थे। उन्होंने मंगलवार सुबह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पर्यटन मंत्रालय द्वारा सिकंदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और योगाभ्यास भी किया। इसके बाद उन्होंने अपनी यात्रा में कटौती की और वह मंगलवार को दिल्ली लौट आए।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव में संख्या बल के आधार पर भाजपा नीत राजग मजबूत स्थिति में है और उसे यदि बीजद या आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस जैसे दलों का समर्थन मिल जाता है तो उसकी जीत निश्चित हो जाएगी।



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