दिल्ली की अदालत ने जुबेर की जमानत याचिका खारिज की

Edited By Updated: 02 Jul, 2022 06:33 PM

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नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को कहा कि एक अदालत ने यहां ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। हालांकि पुलिस की तरफ से पहले कहा गया था कि जुबैर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत...

नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को कहा कि एक अदालत ने यहां ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। हालांकि पुलिस की तरफ से पहले कहा गया था कि जुबैर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया लेकिन बाद में पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्वीकार किया कि उनसे मीडिया के साथ गलत सूचना साझा हो गई थी।

वहीं जुबैर के वकील सौतिक बनर्जी ने हिरासत को लेकर दिल्ली पुलिस के बयान को “निंदनीय” करार देते हुए कहा कि अब तक कोई आदेश नहीं दिया गया है।


दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई इंटेलीजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) के उपायुक्त केपीएस मल्होत्रा ने शनिवार को मीडिया से गलत सूचना साझा करने की बात स्वीकार की। उन्होंने पहले बताया था कि ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को 2018 में उनके द्वारा पोस्ट किए गए “आपत्तिजनक ट्वीट” पर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।


जुबैर के वकील ने कहा, “यह अत्यंत निंदनीय है और यह आज हमारे देश में कानून के शासन की स्थिति बयां करता है। यहां तक कि न्यायिक मजिस्ट्रेट के बैठने और आदेश सुनाने से पहले ही पुलिस ने आदेश को मीडिया में लीक कर दिया है।”

आरोप के बाद मल्होत्रा ने जुबैर की न्यायिक हिरासत के बारे में मीडियाकर्मियों को गलत सूचित करने की बात स्वीकार की।

उन्होंने कहा, “मैंने अपने जांच अधिकारी (आईओ) से बात की, मैंने शोर के कारण गलत सुन लिया और अनजाने में संदेश प्रसारित हो गया।”

इससे पहले पुलिस अधिकारी ने बताया था कि मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट स्निग्धा सरवरिया ने 14 दिन की रिमांड की उसकी अर्जी को स्वीकार कर लिया है।

पुलिस ने कहा कि रिमांड की जरूरत है क्योंकि आगे की जांच चल रही है। पुलिस ने पांच दिन तक हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अवधि पूरी होने के बाद जुबैर को अदालत के समक्ष पेश किया और उसे हिरासत में भेजने का अनुरोध किया।
लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने सुनवाई के दौरान अदालत को बताया कि पुलिस ने जुबैर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 120 बी (आपराधिक साजिश) और 201 (सबूत नष्ट करना) तथा विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम की धारा 35 के प्रावधान भी लगाए हैं।


उन्होंने दावा किया कि आरोपी ने पाकिस्तान, सीरिया और अन्य देशों से ‘रेजरपे पेमेंट गेटवे’ के जरिए पैसा लिया, जिसमें और पूछताछ की आवश्यकता है।


पुलिस की अर्जी के बाद जुबैर ने अदालत के समक्ष जमानत याचिका पेश की।


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।
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