Edited By Tanuja,Updated: 16 Mar, 2026 06:53 PM

ईरान ने अमेरिका के साथ युद्धविराम मांगने के दावे को खारिज करते हुए कहा कि वह तब तक लड़ाई जारी रखेगा जब तक यह सुनिश्चित न हो जाए कि भविष्य में उस पर दोबारा हमला नहीं होगा। वहीं इजरायल ने तेहरान एयरपोर्ट पर ईरानी नेतृत्व के विमान को नष्ट करने का दावा...
International Desk: ईरान (Iran) ने अमेरिका के साथ युद्धविराम की मांग करने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची (Seyed Abbas Araghchi) ने कहा कि तेहरान ने न तो युद्धविराम की मांग की है और न ही United States के साथ बातचीत की कोई पहल की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में उन्होंने अमेरिकी दावों को “भ्रमपूर्ण” बताते हुए कहा कि ईरान तब तक लड़ाई जारी रखेगा जब तक अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump यह स्वीकार नहीं कर लेते कि यह युद्ध “गैरकानूनी” है और भविष्य में दोबारा नहीं होना चाहिए।
तेहरान में साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अराघची ने कहा कि ईरान युद्ध जारी रखने का इच्छुक नहीं है, लेकिन उसका अंत इस तरह होना चाहिए कि दुश्मन भविष्य में हमला करने की हिम्मत न कर सके। उन्होंने कहा कि ईरान “बिना शर्त आत्मसमर्पण” स्वीकार नहीं करेगा। विरोधी देश अपनी पूरी सैन्य ताकत झोंकने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय मदद मांग रहे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान केवल उन्हीं जहाजों को रोकता है जो उसके खिलाफ युद्ध में शामिल देशों से जुड़े हैं।
इसी बीच Israel की सेना ने दावा किया है कि उसने तेहरान के Mehrabad Airport पर एक विमान को नष्ट कर दिया, जिसका इस्तेमाल ईरान के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेताओं द्वारा किया जाता था। इजरायली सेना के अनुसार यह विमान Airbus A340 था। इसका इस्तेमाल ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और पहले Ali Khamenei की विदेश यात्राओं के लिए किया जाता रहा था। इस विमान के नष्ट होने से ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच समन्वय प्रभावित हो सकता है।हालांकि ईरानी अधिकारियों ने इस हमले की तत्काल पुष्टि नहीं की है।
रिपोर्टों के मुताबिक Israel Defense Forces ने सोमवार को Tehran, Shiraz और Tabriz सहित कई शहरों में सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे पर हमले किए। यह अभियान 28 फरवरी को शुरू हुए संयुक्त अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद जारी है, जिसके जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों से इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।