Edited By Radhika,Updated: 16 Mar, 2026 02:46 PM

पश्चिम एशिया में छिड़ा युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर है। इस युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर एनर्जी को लेकर संकट गहरा गया है। इसी संकट के बीच भारत के साथ एक बड़ी सफलता मिली है। इस तनाव के बीच भारत ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ईरान में फंसे अपने...
नेशनल डेस्क: पश्चिम एशिया में छिड़ा युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर है। इस युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर एनर्जी को लेकर संकट गहरा गया है। इसी संकट के बीच भारत के साथ एक बड़ी सफलता मिली है। इस तनाव के बीच भारत ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ईरान में फंसे अपने 550 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
भारत का मददगार बना आर्मेनिया
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को बताया कि ईरान से 550 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने में आर्मेनिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर आर्मेनियाई विदेश मंत्री अरात मिर्ज़ोयान का आभार जताते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में येरेवन (आर्मेनिया) से मिला सहयोग अत्यंत सराहनीय है।
ट्रंप की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' की नाकेबंदी की धमकी पर कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप ने ब्रिटेन और अन्य सहयोगी देशों से इस मार्ग की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने की अपील की है। ट्रंप ने कसम खाई है कि वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले इस रास्ते को "किसी भी तरह" फिर से खोल दिया जाएगा। संघर्ष शुरू होने के बाद से खाड़ी क्षेत्र में करीब 16 व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया जा चुका है।