हैम रेडियो ने महिला को 37 साल बाद परिवार से मिलाया

Edited By Updated: 30 Nov, 2021 10:05 PM

pti west bengal story

कोलकाता, 30 नवंबर (भाषा) हैम रेडियो के कारण पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में पिछले करीब 37 साल से काम कर रही एक महिला अंतत: झारखंड के बोकारो में रहने वाले अपने परिवार से मिल सकी है।

कोलकाता, 30 नवंबर (भाषा) हैम रेडियो के कारण पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में पिछले करीब 37 साल से काम कर रही एक महिला अंतत: झारखंड के बोकारो में रहने वाले अपने परिवार से मिल सकी है।

हैम रेडियो से जुड़े लोगों के संगठन पश्चिम बंगाल रेडियो क्लब के सचिव अम्बरिश नाग बिस्वास ने बताया कि यादाश्त खो चुकी 67 वर्षीय महिला को प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में उसके पति को सौंप दिया गया।

जिला प्रशासन के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।

नाग बिस्वास ने पीटीआई/भाषा को बताया, ‘‘करीब 15 दिन पहले एक पर्यटक ने हमें बताया कि बखाली बीच पर एक चाय की दुकान पर करीब चार दशक से एक महिला काम कर रही है। उसे अपना नाम-पता याद नहीं है।’’
नागरिक पुलिस के दो स्वयंसेवकों से तथ्य का सत्यापन करने के बाद नाग बिस्वास ने महिला से बातचीत और उसकी बोली के आधार पर उन्हें लगा कि वह पश्चिम बंगाल में जंगलमहल, बीरभूम जिले के आदिवासी इलाके, बांकुड़ा या पुरुलिया की हो सकती है।

गनु मंडल (बौरी) को सिर्फ एक ही जगह का नाम याद था छौड़ाबस्ती, लेकिन यह कहां है कुछ पता नहीं था। इतनी सी जानकारी पाकी हैम रेडियो ऑपरेटर्स ने अपनी तलाश शुरू की।

एक एम्बुलेंस ड्राइवर ने बताया कि झारखंड में छौड़ाबस्ती नाम का जगह है। उन्होंने बताया, ‘‘अंतत: हैम रेडियो, पुलिस और जिला प्रशासन की मदद से हमने महिला के परिवार को खोज निकाला। रविवार को महिला को उसके पति को सौंप दिया गया।’’


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।
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