Edited By ,Updated: 14 Sep, 2015 01:41 PM

वैदिक काल से कुंभ मेले प्रयाग, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में बारी-बारी से बारह साल बाद आयोजित होते हैं। हर 12 वर्ष के अंतराल पर हिंदू कैलेंडर के अनुसार,
वैदिक काल से कुंभ मेले प्रयाग, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में बारी-बारी से बारह साल बाद आयोजित होते हैं। हर 12 वर्ष के अंतराल पर हिंदू कैलेंडर के अनुसार, माघ माह में जब सूर्य और बृहस्पति एक साथ सिंह राशि में प्रवेश करते हैं तब नासिक-त्रयम्बकेश्वर मे कुंभ मेला आयोजित किया जाता है। इनमें भाग लेने असंख्य श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचते हैं।
महाराष्ट्र के नासिक में जोर-शोर से चल रहा कुंभ मेला अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। नासिक कुंभ मेले का प्रथम शाही स्नान 29 अगस्त 2015, द्वितीय शाही स्नान 13 सितंबर 2015, तृतीय शाही स्नान 18 सितंबर 2015 को होगा। 25 सितंबर को इसका समापन होगा। बहुत से विवादों की वजह से ये स्नान सुर्ख़ियों में रहा है।
शाही स्नान के दौरान किसी भी तरह की भगदड़ से बचने के लिए प्रशासन की ओर से कड़े निर्देश हैं की नासिक-त्रयम्बकेश्वर में आए भक्त सेल्फी नहीं खींचेंगे। वैसे तो कुंभ में 13 अखाड़े ही भाग लेते हैं लेकिन इस बार सभी अखाड़े स्नान में भाग ले रहे हैं।