बिना दर्द के भी लिवर बजा सकता हैं खतरे की घंटी, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती, समय रहते नहीं संभले तो...

Edited By Updated: 12 Jan, 2026 01:32 PM

britain s new campaign against liver disease

ब्रिटेन (UK) में स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी रिसर्च प्रोग्राम की शुरुआत हुई है जिसका सीधा मकसद लिवर की बीमारियों को उनकी शुरुआती स्टेज में ही पहचानना है। लिवर हमारे शरीर का वह इंजन है जो खून को साफ करने, जहरीले तत्वों को बाहर निकालने और...

Early Liver Disease: ब्रिटेन (UK) में स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी रिसर्च प्रोग्राम की शुरुआत हुई है जिसका सीधा मकसद लिवर की बीमारियों को उनकी शुरुआती स्टेज में ही पहचानना है। लिवर हमारे शरीर का वह इंजन है जो खून को साफ करने, जहरीले तत्वों को बाहर निकालने और पाचन में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है लेकिन जब यह इंजन खराब होता है तो अक्सर तब तक पता नहीं चलता जब तक कि बहुत देर न हो जाए। इसीलिए इस नए शोध को गेम-चेंजर माना जा रहा है।

लिवर की बीमारी साइलेंट किलर क्यों है?

लिवर डिजीज को साइलेंट किलर इसलिए कहा जाता है क्योंकि शुरुआती दौर में यह कोई खास संकेत नहीं देती। न ही कोई दर्द होता है और न ही काम करने में कोई बड़ी रुकावट महसूस होती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोटापा, गलत खानपान, शराब का अधिक सेवन और टाइप-2 डायबिटीज लिवर के सबसे बड़े दुश्मन बन गए हैं। जब तक मरीज को पीलिया, पेट में सूजन या तेज दर्द जैसे लक्षण महसूस होते हैं तब तक लिवर को काफी नुकसान पहुंच चुका होता है।

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GP क्लीनिक में स्क्रीनिंग: इलाज से बेहतर रोकथाम

इस रिसर्च की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब मरीजों को बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने होंगे। उनकी जांच उनके नजदीकी जीपी (GP) क्लीनिक में ही हो सकेगी। पहले लिवर की जांच के लिए अक्सर 'बायोप्सी' (सुई के जरिए लिवर का टुकड़ा लेना) जैसे दर्दनाक तरीकों का सहारा लेना पड़ता था। अब बिना दर्द और बिना सर्जरी वाले नए स्कैनिंग और ब्लड टेस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है जो चंद मिनटों में सटीक रिपोर्ट देते हैं।

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शुरुआती पहचान से मिलने वाले 5 बड़े फायदे

डॉक्टरों का मानना है कि यदि लिवर की खराबी का पहले या दूसरे स्टेज में पता चल जाए तो इसे निम्नलिखित तरीकों से पूरी तरह ठीक (Reverse) किया जा सकता है:

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  1. वजन घटाना: फैटी लिवर को कम करने का सबसे असरदार तरीका है।

  2. डायबिटीज कंट्रोल: ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को काबू में रखना।

  3. शराब से दूरी: लिवर की कोशिकाओं को दोबारा जीवित करने में मदद मिलती है।

  4. स्वस्थ खानपान: ज्यादा फाइबर और कम फैट वाला भोजन।

  5. सिरोसिस से बचाव: शुरुआती इलाज से लिवर फेलियर और कैंसर का खतरा खत्म हो जाता है।

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हेल्थ सिस्टम पर सकारात्मक असर

अगर यह स्क्रीनिंग प्रोग्राम पूरी दुनिया में अपनाया जाता है तो इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाला भारी-भरकम वित्तीय बोझ कम होगा। लिवर ट्रांसप्लांट या कैंसर के इलाज की तुलना में शुरुआती जांच बहुत सस्ती और प्रभावी है।

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