‘पाक की हो रही लगातार किरकिरी’ पर शर्म इसको नहीं आती !

Edited By Updated: 17 Feb, 2026 03:37 AM

he is not ashamed of the continuous embarrassment of pakistan

कूटनीति तथा खेल के मैदान दोनों में ही भारत के हाथों बार-बार मुंह की खाने के बावजूद पाकिस्तान के शासक अस्तित्व में आने के समय से ही भारत विरोधी एजैंडे से चिपके रह कर देश-विदेश में अपनी किरकिरी करवा रहे हैं लेकिन उन्हें शर्म नहीं आती।  15 फरवरी को...

कूटनीति तथा खेल के मैदान दोनों में ही भारत के हाथों बार-बार मुंह की खाने के बावजूद पाकिस्तान के शासक अस्तित्व में आने के समय से ही भारत विरोधी एजैंडे से चिपके रह कर देश-विदेश में अपनी किरकिरी करवा रहे हैं लेकिन उन्हें शर्म नहीं आती। 15 फरवरी को ‘म्यूनिख’ (जर्मनी) में आयोजित ‘म्यूनिख सिक्योरिटी कान्फ्रैंस’ में भाग लेने गए पाकिस्तान के फील्ड मार्शल ‘आसिम मुनीर’ को सभास्थल के गेट पर खड़े सुरक्षा कर्मचारी ने भीतर जाने से रोक दिया और अपना पहचान पत्र दिखाने के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी गई। कुछ दिन पहले तक पाकिस्तान के क्रिकेट आका भारत के साथ टी-20 विश्व कप के मैच न खेलने पर अड़े हुए थे परंतु आई.सी.सी., पी.सी.बी. तथा अन्य क्रिकेट संगठनों के प्रतिनिधियों की लाहौर में हुई बैठक में दी गई बायकाट तथा गंभीर परिणामों की धमकी के आगे झुक कर पाकिस्तान ने भारत के विरुद्ध मैच खेलना स्वीकार कर लिया। 

15 फरवरी को भारतीय टीम ने  कोलम्बो (श्रीलंका) में खेले गए टी-20 विश्व कप के मैच में पाकिस्तान को 61 रनों से हरा कर पाकिस्तान की शर्मनाक पराजयों में एक और हार जोड़ दी। इससे पाकिस्तान में कोहराम मच गया और लोगों ने गुस्से में आकर बड़ी संख्या में टी.वी. सैट तोड़ डाले। पाकिस्तान में हमेशा यही होता है। पाकिस्तान की गेंदबाजी व बल्लेबाजी इतनी खराब थी कि उसके तड़ातड़ विकेट गिरते देख कर ‘पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड’ का मुखिया ‘मोहसिन नकवी’ तथा पाकिस्तानी क्रिकेट प्रेमी मैच समाप्त होने से पहले ही उठ कर चले गए। 
15 फरवरी को ही ‘बैंकाक’ में ‘महिला एशिया कप 2026-राइजिंग स्टार्स’ के मैच में भारत की ‘ए-महिला टीम’ ने पाकिस्तान की महिला खिलाडिय़ों को 8 विकेट से रौंद कर उनके घावों पर नमक छिड़क दिया। 

इस बीच पाकिस्तान के अशांत ‘ब्लूचिस्तान’ प्रांत में पाकिस्तान के शासकों द्वारा संसाधनों की लूट, आर्थिक असमानता और पाकिस्तान में जबरन विलय के विरुद्ध 1948 से  जारी आंदोलन 2003 से तेज होकर हिंसक अलगाववादी आंदोलन में बदल गया है। ‘ब्लूच लिब्रेशन आर्मी’ स्वतंत्रता की अपनी मांग पर बल देने के लिए पाकिस्तान की सेना और ‘चीन-पाकिस्तान आॢथक गलियारे’ (सी.पी.ई.सी.) पर हमले करती आ रही है।  ‘ब्लूच लिब्रेशन आर्मी’ के प्रवक्ता ‘जिआंद ब्लूच’ के अनुसार ‘आप्रेशन हेराफ’ के दूसरे चरण के दौरान उन्होंने बंधक बनाए गए पाकिस्तानी सेना के 17 सदस्यों में से 10 को रिहा कर दिया है जबकि 7 को अपनी हिरासत में रखा हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस्लामाबाद ने 7 दिनों के भीतर युद्ध बंदियों की अदला-बदली पर सहमति दिखाई तो ठीक है वर्ना वे इन बंधकों के साथ कुछ भी कर सकते हैं। 

एक अन्य घटनाक्रम में 5 अगस्त, 2024 को बंगलादेश में तख्तापलट के बाद पाकिस्तान समर्थक ‘मोहम्मद यूनुस’ के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार को लेकर पाकिस्तान के शासकों में बड़ा उत्साह पाया जा रहा था और दोनों देशों के बीच संबंधों में तेजी से सुधार आने जैसी बातें कही जा रही थीं। लेकिन 12 फरवरी को वहां हुए चुनावों में पूर्व प्रधानमंत्री ‘खालिदा जिया’ की पार्टी ‘बी.एन.पी.’ की भारी सफलता और ‘तारिक रहमान’ के सलाहकार ‘हमायूं कबीर’ ने भारत के साथ अपने बिगड़े रिश्तों को ‘री सैट’ करने और मजबूत करने की इच्छा जता कर पाकिस्तान का उत्साह ठंडा कर दिया है। इस बीच पाकिस्तान में धमाके भी लगातार जारी हैं और 16 फरवरी को वजीरिस्तान में हुए एक धमाके में दो लोगों की मौत हो गई।

इनके अलावा भी पाकिस्तान में शहबाज शरीफ की सरकार को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री ‘इमरान खान’ की गिरफ्तारी के बाद उनकी बिगड़ती सेहत और जा रही आंखों की रोशनी के कारण इमरान समर्थकों में भारी रोष व्याप्त है और ‘इमरान खान’ के साथ कोई अप्रिय घटना होने पर पाकिस्तान सरकार का संकट बढ़ सकता है और वहां एक बार फिर राजनीतिक अस्थिरता आ सकती है। इस बीच अमरीका ने भी भारत से ट्रेड डील करके पाकिस्तान को झटका दे दिया है और उसके रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि अमरीका ने पाकिस्तान को ‘टायलेट पेपर’ की तरह इस्तेमाल किया है।-विजय कुमार

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