Edited By ,Updated: 21 Nov, 2023 04:41 AM

खालिस्तान समर्थक ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (एस.एफ.जे.) के नेता और वांंछित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के विरुद्ध खालिस्तानी आंदोलन को लेकर पंजाब के अलावा दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में डेढ़ दर्जन के लगभग केस दर्ज हैं।
खालिस्तान समर्थक ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (एस.एफ.जे.) के नेता और वांंछित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के विरुद्ध खालिस्तानी आंदोलन को लेकर पंजाब के अलावा दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में डेढ़ दर्जन के लगभग केस दर्ज हैं। राष्ट्रीय जांच एजैंसी (एन.आई.ए.) ने पन्नू के विरुद्ध पहला मामला 2019 में दर्ज किया था और 3 फरवरी, 2021 को एन.आई.ए. की एक विशेष अदालत ने पन्नू के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी कर दिए और गत वर्ष 29 नवम्बर को ‘घोषित अपराधी’ करार देने के बाद से वह इसके राडार पर है। उसके विरुद्ध पंजाब तथा भारत के अन्य हिस्सों में लोगों में धमकियों से आतंक फैलाने तथा आतंक एवं आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के अलावा इन्हें चलाने में मुख्य भूमिका निभाने के आरोप हैं।
अपने बयानों के कारण विवादों में रहने वाले पन्नू ने 4 नवम्बर, 2023 को ‘एयर इंडिया’ की फ्लाइट उड़ाने की धमकी देते हुए चेतावनी दी थी कि ‘‘कोई भी सिख 19 नवम्बर को ‘एयर इंडिया’ की फ्लाइट में यात्रा न करे, वर्ना उसकी जान को खतरा हो सकता है। उस दिन ‘विश्वव्यापी नाकाबंदी’ होगी तथा हम ‘एयर इंडिया’ को चलने नहीं देंगे।’’ उसी दिन उसने ‘इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे’ को भी बंद करने की धमकी दी और यह भी कहा कि 19 नवम्बर को ही ‘क्रिकेट वल्र्ड कप’ का फाइनल भी है।
पन्नू ने इसे ‘वल्र्ड टैरर कप’ करार दिया इसी बयान में उसने कहा कि ‘‘उस दिन सिखों पर अत्याचार को दुनिया देखेगी और पंजाब के आजाद होने के बाद ‘इंदिरा गांधी इंटरनैशनल हवाई अड्डे’ का नाम भी बदल कर इसका नाम बेअंत सिंह और सतनाम सिंह के नाम पर रखा जाएगा।’’ (ये दोनों पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के अंगरक्षक थे, जिन्होंने 31 अक्तूबर, 1984 को उनकी हत्या की थी।) कनाडा में पन्नू की उक्त धमकी को लेकर जांच शुरू हो चुकी है और इस बारे कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो से की गई शिकायत में शिकायतकत्र्ता ने मांग की है कि पन्नू जैसे लोगों की कनाडा में एंट्री पर रोक लगाई जाए।
इससे पूर्व 10 अक्तूबर को पन्नू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसराईल-हमास युद्ध से सबक लेने की बात कही थी और कहा था कि ‘‘हमारा संगठन बैलट और वोट में विश्वास रखता है। पंजाब की मुक्ति निश्चित है। ‘इंडिया, च्वायस इज योर्स, बैलट ऑर बुलेट’।’’ पन्नू द्वारा ‘एयर इंडिया’ की फ्लाइट उड़ाने की धमकी के जवाब में 19 नवम्बर को एयर इंडिया के विमान में श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होने अमृतसर पहुंचे राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रतिनिधि रवि रंजन सिंह ने अमृतसर में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा,‘‘पन्नू न तो सिख है और न ही उसे सिख सिद्धांतों की जानकारी है। उसे तो पहले सिखी की ट्यूशन लेनी चाहिए और फिर कोई बात करनी चाहिए।’’ पन्नू को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मिस्टर पन्नू आपने जो करना है कर लें, आप होते कौन हैं सिखों को फरमान देने वाले?’’
‘‘पन्नू के सिखों को इस आह्वान से समूह सिखों का सिर शर्म से झुक गया है। उसे पता नहीं कि ‘एयर इंडिया’ के विमानों में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्मों के लोग यात्रा करते हैं, जबकि वह मानवता की हत्या के मंसूबे बनाए बैठा है, जो सही नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पन्नू को शायद सिख इतिहास और कुर्बानियों की जानकारी नहीं है, जिसमें जरनैल हरि सिंह नलवा ने खैबर दर्रे को बंद करके हमलावरों का भारत में दाखिला रोककर सभी धर्मों व जातियों की रक्षा की थी।’’ ‘‘इसी तरह बाबा राम सिंह नामधारी, बाबा सोहन सिंह भकना, मास्टर तारा सिंह एवं महेंद्र सिंह रंधावा जैसे नेताओं ने स्वतंत्रता संग्राम व अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेकर देश और समाज के विकास में अपना योगदान डाला था।’’ गुरपतवंत सिंह पन्नू की धमकियों पर मानवाधिकार संगठन के प्रतिनिधि रवि रंजन सिंह ने पन्नू को सही जवाब दिया है। अत: उसे अब ऐसी बातें करने से परहेज करना चाहिए।—विजय कुमार