‘अंतत: ट्रम्प तथा ममता को’ संविधान और कानून के आगे झुकना ही पड़ा!

Edited By Updated: 10 May, 2026 03:07 AM

ultimately trump and mamata had to bow before the constitution and the law

इन दिनों अमरीका के राष्टï्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की खूब चर्चा हो रही है और ये दोनों ही अपने-अपने देश के कानून तथा अपनी-अपनी पाॢटयों के निशाने पर आए हुए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प की तो मानसिक स्थिति को लेकर भी...

इन दिनों अमरीका के राष्टï्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की खूब चर्चा हो रही है और ये दोनों ही अपने-अपने देश के कानून तथा अपनी-अपनी पार्टियों के निशाने पर आए हुए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प की तो मानसिक स्थिति को लेकर भी शंका व्यक्त की जाने लगी है। अमरीकी कांग्रेस के सदस्य ‘जैक आचिनक्लॉस’ ने  6 अप्रैल, 2026 को कहा था कि, ‘‘ईरान पर हमले का आदेश देकर ट्रम्प पूर्णत: फेल हो गए हैं। वह अमरीका के इतिहास के अकेले ऐसे राष्ट्रपति हैं जिसने अकेले युद्ध शुरू किया और हार गया।’’

अमरीकी सीनेटर ‘बर्नी सैंडर्स’ ने ईरान बारे डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों को खतरनाक और ‘एक असंतुलित व्यक्ति की बकवास’ बताया है।  ट्रम्प की पूर्व सहयोगी और कांग्रेस की पूर्व सदस्य ‘मार्जोरी टेलर ग्रीन’ ने ट्रम्प और उसके प्रशासन के सदस्यों को सलाह देते हुए कहा है कि वे ईश्वर से माफी मांगें और ट्रम्प की पूजा करना बंद करें। ‘मार्जोरी टेलर ग्रीन’ नेे तो यहां तक कह दिया कि,‘‘ट्रम्प पागल हो चुके हैं।’’  डैमोक्रेटिक पार्टी की सदस्य ‘सारा जैकब्स’ ने भी 30 अप्रैल, 2026 को एक मीटिंग में अमरीका के रक्षा मंत्री ‘पीट हैगसेथ’ से पूछ लिया कि ‘‘क्या ट्रम्प की दिमागी हालत ठीक है?’’ डोनाल्ड ट्रम्प को ताजा झटका 7 मई, 2026 को लगा जब ‘अमरीकी व्यापार अदालत’ ने ट्रम्प द्वारा लगाए गए 10 प्रतिशत वैश्विक आयात शुल्क को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया। यही नहीं, डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अमरीका में स्थायी आवास के लिए शुरू किया गया 8.40 करोड़ रुपए में दिया जाने वाला ‘गोल्ड कार्ड वीजा कार्यक्रम’ भी विवादों में आ गया है। ‘अमरीकी गृह सुरक्षा विभाग’ ने अदालत में साफ कहा है कि गोल्ड कार्ड आवेदकों को सामान्य वीजा आवेदकों की तुलना में कोई विशेष प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। 

ममता बनर्जी चुनाव में हारने के बावजूद त्यागपत्र न देने की बातें कर रही थीं परंतु कानून के सामने उनकी एक न चली। राज्यपाल आर.एन. रवि ने 7 मई को विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होते ही संविधान के अनुसार पूरी कैबिनेट को भंग कर दिया और 9 मई को भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने भव्य समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ भी ले ली। ममता बनर्जी ने भी देश के संविधान और कानून के आगे झुकते हुए चुनाव में अपनी हार का जनादेश स्वीकार करके अपने नाम के आगे अब ‘पूर्व मुख्यमंत्री’ लिखना शुरू कर दिया है।
चुनाव परिणामों की घोषणा के दिन से ही पश्चिम बंगाल में बदलाव के चिन्ह दिखाई देने लगे थे। आसनसोल (उत्तर) में 15 वर्षों से बंद पड़ा दुर्गा मंदिर भाजपा के विजयी प्रत्याशी कृष्णेंदु मुखर्जी ने खुलवा दिया तथा तृणमूल कांग्रेस द्वारा कब्जाए हुए दफ्तर पर बुलडोजर चलवा दिया गया। 

7 मई को ही सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कोलकाता जाकर ममता बनर्जी के आवास पर उनसे भेंट की। अखिलेश ने ममता बनर्जी को शाल ओढ़ाया और कहा, ‘‘दीदी आप लड़ी हैं, हारी नहीं, आपको हराया गया है। आप जनता की नेता हैं। भाजपा ने चुनाव लूटा है। लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रहेगी। हम आपके साथ हैं।’’ अखिलेश ने इस चुनाव के परिणामों से सबक लेते हुए भाजपा को हराने के लिए भविष्य में सभी विपक्षी दलों में एकता की बात कही। इस चुनाव में भारी पराजय के बाद तृणमूल कांग्रेस में नाराजगी और गुस्सा व्याप्त है। कुछ लोग तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के सगे भतीजे अभिषेक बनर्जी के घमंडी स्वभाव की शिकायत भी कर रहे हैं और कह रहे हैं कि उसने पार्टी को कमजोर किया है। 

जहां भारत में ममता बनर्जी की हार और उनका व्यवहार चर्चा में है वहीं अमरीका में राष्टï्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का व्यवहार आलोचना का विषय बना हुआ है। कुल मिलाकर अमरीका में डोनाल्ड ट्रम्प तथा भारत में ममता बनर्जी को संविधान और कानून के आगे झुकना पड़ा है और यदि ममता बनर्जी चुनावों में विपक्ष को साथ लेकर चलतीं तो उनकी स्थिति वर्तमान स्थिति से बेहतर हो सकती थी।—विजय कुमार

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