Edited By Tanuja,Updated: 11 May, 2026 05:43 PM

नेपाल ने भारत से आने वाले लोगों के लिए सीमा चौकियों पर पहचान पत्र जांच अनिवार्य कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कदम रोहिंग्या घुसपैठ, अवैध गतिविधियों और फरार अपराधियों की आवाजाही रोकने के लिए उठाया गया है। सीमा पर निगरानी और सुरक्षा जांच भी बढ़ा...
International Desk: नेपाल ने भारत से आने वाले लोगों के लिए सीमा पर सुरक्षा जांच कड़ी कर दी है। नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब जोगबनी सीमा चौकी से नेपाल में प्रवेश करने वाले भारतीय नागरिकों को पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य रोहिंग्या मुस्लिमों (R*Muslims) की अवैध घुसपैठ, आपराधिक गतिविधियों और संदिग्ध लोगों की आवाजाही पर रोक लगाना है । फिलहाल यह फैसला मोरंग जिला सुरक्षा समिति ने लिया है। अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य अवैध घुसपैठ, आपराधिक गतिविधियों और संदिग्ध लोगों की आवाजाही पर रोक लगाना है।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक यह कदम किसी कूटनीतिक विवाद के तहत नहीं बल्कि आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। हालांकि दोनों देशों के बीच दशकों पुरानी “ओपन बॉर्डर” व्यवस्था जारी रहेगी। अब नेपाल जाने वाले भारतीय यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने साथ आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी या अन्य वैध पहचान दस्तावेज जरूर रखें।भारत और नेपाल के बीच लगभग 1,850 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है, जहां दोनों देशों के नागरिक बिना वीजा के यात्रा कर सकते हैं। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग रोजाना व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और पारिवारिक कारणों से सीमा पार करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में सीमा पार तस्करी, अवैध गतिविधियों और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए नेपाल निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करना चाहता है। नेपाल सरकार ने साफ किया है कि यह कदम भारत-नेपाल के ऐतिहासिक और करीबी संबंधों को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा और रिकॉर्ड प्रबंधन बेहतर करने के लिए उठाया गया है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि नेपाल प्रशासन को आशंका है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव के बाद रोहिंग्या मुसलमान या अवैध घुसपैठिए नेपाल की ओर आने की कोशिश कर सकते हैं।
नेपाल के अधिकारियों ने कहा कि सीमा पर विशेष निगरानी खासकर ट्रेनों के आने के समय बढ़ाई गई है, क्योंकि एक साथ सैकड़ों लोग सीमा पार करते हैं। ऐसे समय यात्रियों के पहचान पत्र जांचने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सीमा सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित खोजी कुत्तों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम फरार अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भी जरूरी है। भारत और नेपाल के बीच दशकों पुरानी खुली सीमा व्यवस्था है, जहां दोनों देशों के नागरिक बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं। लेकिन हाल के वर्षों में सुरक्षा चिंताओं के कारण निगरानी बढ़ाने की मांग लगातार उठती रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल की यह सख्ती आने वाले समय में सीमा प्रबंधन और भारत-नेपाल सुरक्षा सहयोग को नया आयाम दे सकती है।