IPS अधिकारी पर लगाए आरोप, राजद सांसद को मिला 5 करोड़ का मानहानि का नोटिस; अब CM को लिखा 'खुला पत्र'

Edited By Updated: 17 Oct, 2026 09:44 AM

allegations leveled against an ips officer rjd mp receives a defamation notice

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक 'खुला पत्र' लिखकर विशेष कार्य बल (STF) के महानिदेशक कुंदन कृष्णन की तरफ से भेजे गए मानहानि के नोटिस की ओर उनका ध्यान आकर्षित कराया है। बक्सर से सांसद सिंह ने...

पटना : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक 'खुला पत्र' लिखकर विशेष कार्य बल (STF) के महानिदेशक कुंदन कृष्णन की तरफ से भेजे गए मानहानि के नोटिस की ओर उनका ध्यान आकर्षित कराया है। बक्सर से सांसद सिंह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री चौधरी को संबोधित अपना पत्र और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी कृष्णन से मिला नोटिस साझा किया। 

IPS अधिकारी की ओर से एक कंपनी विधि द्वारा भेजे गए छह पन्नों के इस कानूनी नोटिस में राजद सांसद पर कृष्णन के खिलाफ जानबूझकर मानहानिकारक, झूठे और अपमानजनक बयान देने तथा प्रकाशित करने का आरोप लगाया गया है। छह अक्टूबर की तारीख वाले इस नोटिस के अनुसार सिंह ने इस साल जून में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान भोजपुर जिले के भारत तिवारी मुठभेड़ मामले में कृष्णन की 'मुख्य भूमिका' होने का आरोप लगाया था, जबकि यह मामला न्यायिक जांच आयोग के विचाराधीन था। 

नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में छेड़छाड़ के कई मामले सामने आने के बीच उन्होंने पिछले महीने एक समाचार पोर्टल को दिए साक्षात्कार में अधिकारी के खिलाफ एक बार फिर 'बेबुनियाद' आरोप लगाए थे। राजद नेता से नोटिस मिलने के 15 दिन के भीतर माफी मांगने को कहा गया है और ऐसा न करने पर कृष्णन की ओर से 5 करोड़ रुपए के हर्जाना की मांग करते हुए मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कही गई है। 

अपने खुले पत्र में सांसद अपने रुख पर कायम नजर आए। उन्होंने मुख्यमंत्री से यह जानना चाहा कि क्या अधिकारी ने नोटिस जारी करने से पहले सरकार से अनुमति ली थी। सिंह ने दावा किया कि केंद्र और राज्य दोनों जगह सरकारी कर्मचारियों के आचरण से जुड़े नियमों के तहत ऐसी अनुमति लेना अनिवार्य है। सांसद ने कहा, 'गृह विभाग के प्रभारी मंत्री होने के नाते, कृपया मुझे बताएं कि क्या आपके या आपकी सरकार द्वारा कुंदन कृष्णन को अनुमति दी गई थी? यदि नहीं, तो उन्हें नियम सीखने के लिए नए सिरे से प्रशिक्षण दिलाया जाए।' 

मुख्यमंत्री कार्यालय या कृष्णन की ओर से सिंह के इन आरोपों पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सिंह ने अधिकारी पर 'मनमानी' करने और खुद को 'सरकारी सेवक के बजाय शासक' समझने का भी आरोप लगाया है। 
 

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