प्रियागोल्ड बिस्किट में हो रहा था मवेशियों के चारे का इस्तेमाल, FSSAI ने सस्पेंड किया लाइसेंस

Edited By Updated: 17 Oct, 2026 02:32 PM

fssai initiates action against priyagold biscuit maker for using cattle feed

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 'प्रियागोल्ड बिस्किट' बनाने वाली कंपनी 'सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड' के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कंपनी पर आरोप है कि उसने बिस्किट बनाने में कच्चे माल के तौर पर उस चोकर का इस्तेमाल किया,...

नई दिल्ली : भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 'प्रियागोल्ड बिस्किट' बनाने वाली कंपनी 'सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड' के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कंपनी पर आरोप है कि उसने बिस्किट बनाने में कच्चे माल के तौर पर उस चोकर का इस्तेमाल किया, जो असल में मवेशियों के चारे के लिए था।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जारी एक बयान में खाद्य नियामक (FSSAI) ने कहा कि एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद 'सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड' के प्लांट का निरीक्षण किया गया, 'जिसके दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी गंभीर कमियां पाई गईं।' खाद्य नियामक ने बताया, 'मवेशियों के चारे के लिए बना चोकर, जो इंसानों के खाने के लिए नहीं था, उसका इस्तेमाल प्रियागोल्ड बिस्किट बनाने में फाइबर के स्रोत के तौर पर किया जा रहा था। चोकर से भरे बोरों पर साफ तौर पर लिखा था कि यह सामग्री मवेशियों के चारे के लिए है।' 

FSSAI के अनुसार, प्लांट में अन्य कमियां भी पाई गईं, जैसे कि साफ-सफाई की कमी, कीट नियंत्रण (पेस्ट कंट्रोल) में लापरवाही, कच्चे माल के भंडारण और उसे अलग-अलग रखने की गलत व्यवस्था, कर्मचारियों की स्वच्छता में कमी, परिसर के रखरखाव में खामियां और बिस्किट बनाने की प्रक्रिया के बीच इस्तेमाल होने वाले मिश्रणों (इंटरमीडिएट फॉर्मूलेशन) को संभालने में बरती गई लापरवाही। 

FSSAI ने आगे बताया कि निरीक्षण के दौरान नियमों के गंभीर उल्लंघन पाए जाने के बाद 'सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड' का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया था। साथ ही, सक्षम प्राधिकारी ने इन उल्लंघनों के लिए कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की मंजूरी दे दी है। FSSAI ने यह भी बताया कि उसने खाद्य सुरक्षा के गंभीर उल्लंघनों के लिए 'डोडला डेयरी लिमिटेड' और 'उइर ऑर्गेनिक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड' के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। 

खाद्य नियामक ने बताया, 'जांच के लिए 'डोडला डेयरी लिमिटेड' से 'फुल क्रीम दूध' का एक सैंपल लिया गया था। खाद्य विश्लेषक (फूड एनालिस्ट) ने इस सैंपल को 'सबस्टैंडर्ड' (मानक के अनुरूप न होना) करार दिया, क्योंकि इसमें FSS नियमों के तहत तय की गई 'मिल्क फैट' (दूध में वसा) की मात्रा नहीं पाई गई।'

कंपनी (FBO) की अपील पर इस सैंपल को 'रेफरल फूड लेबोरेटरी' भेजा गया। वहां पुष्टि हुई कि सैंपल असुरक्षित था क्योंकि इसमें डिटर्जेंट/कॉस्टिक सोडा मौजूद था और यह 'सबस्टैंडर्ड' भी था क्योंकि इसमें मिल्क फैट की मात्रा तय न्यूनतम सीमा से कम थी। प्रयोगशाला की जांच में FSS एक्ट, 2006 के तहत असुरक्षित और घटिया खाद्य पदार्थों से जुड़े उल्लंघन पाए गए।

FSSAI ने कहा, 'सक्षम प्राधिकारी ने M/s डोडला डेयरी लिमिटेड और इस उत्पाद के निर्माण व मार्केटिंग से जुड़े अन्य संबंधित FBOs (खाद्य व्यवसाय संचालकों) के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने असुरक्षित और घटिया खाद्य पदार्थों के मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।' इसके अलावा, नरपधम फूड्स, सन रिजेज हेल्थ केयरर्स और शा कांतिलाल जयंतीलाल को नोटिस जारी किए गए हैं। 

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