चाय की भट्टी से संसद के गलियारों तक मोदी

Edited By Updated: 17 May, 2026 04:23 AM

from the tea stall to the corridors of parliament modi

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अटल बिहारी वाजपेयी की तरह एक राजनेता और कवि हैं। वह गुजराती भाषा के अलावा हिन्दी में भी देशप्रेम से ओतप्रोत कविताएं लिखते हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच द्वितीय युद्ध के दौरान किशोरावस्था में उन्होंने स्वेच्छा से रेलवे...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अटल बिहारी वाजपेयी की तरह एक राजनेता और कवि हैं। वह गुजराती भाषा के अलावा हिन्दी में भी देशप्रेम से ओतप्रोत कविताएं लिखते हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच द्वितीय युद्ध के दौरान किशोरावस्था में उन्होंने स्वेच्छा से रेलवे स्टेशनों पर सफर कर रहे सैनिकों की सेवा की। युवावस्था में वह छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए। उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी नवनिर्माण आन्दोलन में हिस्सा लिया। एक पूर्णकालिक आयोजक के रूप में कार्य करने के पश्चात उन्हें भारतीय जनता पार्टी में संगठन का प्रतिनिधि मनोनीत किया गया। उन्होंने आर.एस.एस. के प्रचारक रहते हुए 1980 में गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर परीक्षा दी और मास्टर डिग्री प्राप्त की। अपने माता-पिता की कुल 6 संतानों में तीसरे पुत्र नरेन्द्र ने बचपन में रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने में अपने पिता का हाथ बंटाया। 

नरेन्द्र जब विश्वविद्यालय के छात्र थे, तभी से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर.एस.एस.) की शाखा में नियमित जाने लगे थे। इस प्रकार उनका जीवन संघ के एक निष्ठावान प्रचारक के रूप में प्रारम्भ हुआ। उन्होंने शुरुआती जीवन से ही राजनीतिक सक्रियता दिखलाई और भारतीय जनता पार्टी का जनाधार मजबूत करने में प्रमुख भूमिका निभाई। अप्रैल 1990 में जब केन्द्र में मिली-जुली सरकारों का दौर शुरू हुआ, मोदी की मेहनत रंग लाई, जब गुजरात में 1995 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने बलबूते दो-तिहाई बहुमत प्राप्त कर सरकार बना ली। इसी दौरान 2 राष्ट्रीय घटनाएं और इस देश में घटीं। पहली घटना थी सोमनाथ से लेकर अयोध्या तक की रथयात्रा, जिसमें अडवानी के प्रमुख सारथी की भूमिका में नरेन्द्र का मुख्य सहयोग रहा। इसी प्रकार कन्याकुमारी से लेकर सुदूर उत्तर में स्थित कश्मीर तक की मुरली मनोहर जोशी की दूसरी रथयात्रा भी नरेन्द्र मोदी की ही देखरेख में आयोजित हुई। इसके बाद नरेन्द्र मोदी को दिल्ली बुला कर भाजपा में संगठन की दृष्टि से केन्द्रीय मंत्री का दायित्व सौंपा गया।

1998 में उन्हें पदोन्नत करके राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) का उत्तरदायित्व दिया गया। इस पद पर वह अक्तूबर 2001 तक काम करते रहे। भारतीय जनता पार्टी ने अक्तूबर 2001 में केशुभाई पटेल को हटाकर गुजरात के मुख्यमंत्री पद की कमान नरेन्द्र मोदी को सौंप दी। मोदी के नेतृत्व में 2012 में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया। मुख्यमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं प्रारम्भ कीं व उन्हें क्रियान्वित कराया। पार्टी की ओर से पी.एम. प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद नरेन्द्र मोदी ने पूरे भारत का भ्रमण किया। इस दौरान 3 लाख किलोमीटर की यात्रा कर पूरे देश में 437 बड़ी चुनावी रैलियां, 3-डी सभाएं व चाय पर चर्चा आदि को मिलाकर कुल 5827 कार्यक्रम किए। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने 2014 के चुनावों में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की। नरेन्द्र मोदी हिन्दुस्तान के 15वें प्रधानमंत्री बने। उनकी जीवनशैली अक्सर चर्चा में रहती है।

प्रधानमंत्री मोदी हर काम लीक से हटकर करते हैं इसीलिए जनता के बीच उनकी छवि एक कुशल नेता की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले एक दशक में डिजिटल क्रांति, बुनियादी ढांचे के विकास, सामाजिक कल्याण और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग और गतिशक्ति सड़कों का तीव्र गति से निर्माण और रेलवे का आधुनिकीकरण (वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत करके कनैक्टिविटी को मजबूत किया गया है)। जी.एस.टी. ‘एक राष्ट्र, एक कर’ की नीति से कर प्रणाली में पारदॢशता आई है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर उसे देश की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, स्वदेशी हथियारों के निर्माण और रक्षा उपकरणों के निर्यात को भारी प्रोत्साहन दिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति के तहत वैश्विक मंचों पर भारत की मजबूत छवि बनी है। भारत ने रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे जटिल भू-राजनीतिक मुद्दों पर किसी भी खेमे में शामिल होने के बजाय राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखा। जी-20 की सफल अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्य के रूप में शामिल कराना इस नीति का एक बड़ा मील का पत्थर माना जाता है? पड़ोसी पहले की नीति के तहत हिंद महासागर क्षेत्र और पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान एक स्वदेशी और आॢथक रूप से सशक्त राष्ट्र का निर्माण करने का विजन है, जिसका मुख्य लक्ष्य 2047 तक आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर भारत को एक ‘विकसित राष्ट्र’ बनाना है। तकनीकी नेतृत्व प्राप्त करने के लिए सैमीकंडक्टर निर्माण, आॢटफिशियल इंटैलिजैंस और डीप-टैक में आत्मनिर्भरता हासिल की जा रही है। निजी क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने और अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए ‘पी.एम. विकसित भारत रोजगार योजना’ जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। -श्वेत मलिक(पूर्व सांसद, पूर्व पंजाब भाजपा अध्यक्ष)  

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