‘लोगों की जान से खिलवाड़ करते’ ‘नकली दवाओं’ का धंधा करने वाले!

Edited By Updated: 23 Jan, 2026 04:03 AM

those who deal in counterfeit medicines are playing with people s lives

भारत को विश्व का तीसरा सबसे बड़ा दवा निर्माता होने के कारण ‘विश्व की फार्मेसी’ भी कहा जाता है। ‘इंडियन फार्मास्यूटिकल अलायंस’ के अनुसार अमरीका की हर तीसरी व यूरोप की हर चौथी टैबलेट भारत में बनी होती है।

भारत को विश्व का तीसरा सबसे बड़ा दवा निर्माता होने के कारण ‘विश्व की फार्मेसी’ भी कहा जाता है। ‘इंडियन फार्मास्यूटिकल अलायंस’ के अनुसार अमरीका की हर तीसरी व यूरोप की हर चौथी टैबलेट भारत में बनी होती है। भारत में विश्व की 60 प्रतिशत वैक्सीन और 20 प्रतिशत ‘जैनेरिक’ दवाएं बनती हैं परंतु इनमें भी मिलावट तथा गुणवत्ता की कमी पाए जाने के परिणामस्वरूप अनेक लोगों के प्राण खतरे में पड़ रहे हैं। 

गत वर्ष अक्तूबर में देश के कुछ राज्यों में एक मिलावटी कफ सिरप पीने से 2 दर्जन से अधिक बच्चों की जान चली गई थी। जांच के दौरान इसमें उद्योगों में काम आने वाले ‘डायथिलीन ग्लाइकोल’ नामक कैमिकल की बड़ी मात्रा में मौजूदगी पाई गई जो एक हल्का जहर होता है। जांच के दौरान उक्त कफ सिरप बनाने में 350 से अधिक गंभीर उल्लंघन पाए गए। इनके अलावा भी समय-समय पर पड़ताल के दौरान विभिन्न नकली दवाएं पकड़ी गई हैं जिनकी चंद घटनाएं निम्र में दर्ज हैं : 

* 2 दिसम्बर, 2025 को ‘भुवनेश्वर’ (ओडिशा) में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ‘डा. मुकेश महलिंग’ ने राज्य विधानसभा में बताया कि 2021 से 2025 के बीच राज्य में 168 नकली दवाएं पकड़ी गईं। इनमें मुख्य रूप से ‘टेलमा’ ब्रांड की नकली गोलियां शामिल थीं। 
* 7 दिसम्बर, 2025 को ‘जयपुर’ (राजस्थान) में ड्रग कंट्रोल टीम ने एक दवा व्यापारी के प्रतिष्ठान से 3.73 करोड़ रुपए मूल्य की नकली और घटिया दवाएं (विनसैट-एल तथा एलगीविन-एम टैबलेट) जब्त कीं। 
* 14 दिसम्बर,  2025 को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने  ‘गाजियाबाद’ के ‘लोनी’ में नकली दवाएं बनाने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करके 2.3 करोड़ रुपए से अधिक की नकली त्वचा क्रीमें (बैटनोवेट-सी, क्लोप-जी तथा स्किन शाइन) बरामद करके 2 लोगों को गिरफ्तार किया। 

* 31 दिसम्बर, 2025 को ‘तेलंगाना ड्रग कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन’ ने पूरे वर्ष के दौरान 1.39 करोड़ रुपए की नकली दवाएं जब्त करने की जानकारी दी।
* 17 जनवरी, 2026 को ‘बठिंडा’ (पंजाब) में एक गैर कानूनी दवा फैक्टरी को सील किया गया। 
* 20 जनवरी, 2026 को ‘पीलीभीत’ (उत्तर प्रदेश) के ‘पूरनपुर’ गांव में पुलिस ने एक मकान में चल रही नकली कफ सिरप बनाने वाली ‘फैक्टरी’ का भंडाफोड़ किया और वहां से ‘सुरेश कुमार’ नामक आरोपी को गिरफ्तार करके नकली कफ सिरप की 375 शीशियां जब्त कीं। 
* और अब 21 जनवरी, 2026 को केंद्र सरकार द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि ‘केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संस्थान’ की नियमित पड़ताल में दिसम्बर, 2025 के दौरान केंद्र और राज्यों की औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं में दवाओं के कुल 167 नमूनों को ‘नॉट आफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ (गुणवत्ता में फेल) करार दिया गया तथा इनके अलावा 7 दवाओं को नकली पाया गया। दवाओं का गुणवत्ता के निर्धारित मापदंडों के अनुसार न पाया जाना और नकली दवाएं गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि इनका सेवन करने वालों के जीवन के लिए खतरा भी पैदा हो सकता है। अत: ऐसे कृत्यों में शामिल होने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने और कठोरतम दंड देने की जरूरत है। 

देश में नकली दवाओं का कारोबार रोकने के लिए ‘ड्रग्स एंड कास्मैटिक्स एक्ट’ के साथ-साथ ‘कंज्यूमर प्रोटैक्शन एक्ट-2019’ सहित कुल 6 कानून हैं लेकिन इनका सख्ती से इस्तेमाल न किए जाने के कारण नकली दवाओं का धंधा लोगों की जान का जोखिम बन रहा है। अत: वर्तमान कानूनों को सख्ती से लागू करके ऐसे कृत्यों में शामिल लोगों को कठोरतम दंड देने के साथ-साथ कानून में संशोधन करके जमानत के प्रावधान भी सख्त करने चाहिएं ताकि लोगों के प्राणों से अपराधी तत्व खिलवाड़ न कर सकें।—विजय कुमार 

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