Edited By Tanuja,Updated: 15 Mar, 2026 12:11 PM

ईरान ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर वह जीवित हैं तो उन्हें “ढूंढकर मारेंगे।” सोशल मीडिया पर उनकी मौजूदगी को लेकर अफवाहें फैल रही हैं, जबकि उनके कार्यालय ने मौत की खबरों को फर्जी बताया है।
International News: मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के बीच ईरान ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) को लेकर बेहद धधकता हुआ बयान दिया है। ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने कहा है कि अगर नेतन्याहू जीवित हैं तो उन्हें ढूंढकर मार दिया जाएगा। ईरान का यह बयान ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर नेतन्याहू के ठिकाने और उनकी हालत को लेकर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ दिनों से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं, जिससे चर्चाओं को और हवा मिल गई है।
नेतन्याहू के दफ्तर ने अफवाहें नकारीं
12 मार्च को जारी एक वीडियो को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। इस वीडियो में कुछ लोगों ने दावा किया कि नेतन्याहू के हाथ में छह उंगलियां दिखाई दे रही थीं, जिससे यह शक जताया गया कि वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से एडिट किया गया हो सकता है। हालांकि इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।इजराइली प्रधानमंत्री के कार्यालय ने उनकी मौत से जुड़ी खबरों को पूरी तरह फर्जी बताया है। उनके दफ्तर ने कहा कि प्रधानमंत्री पूरी तरह ठीक हैं और सोशल मीडिया पर चल रही खबरें गलत हैं।
बेटे की सोशल मीडिया चुप्पी से भी चर्चा
इस बीच नेतन्याहू के बेटे Yair Netanyahu की सोशल मीडिया पर चुप्पी भी चर्चा का विषय बन गई है। लगभग 2.8 लाख फॉलोअर्स वाले उनके अकाउंट से 9 मार्च के बाद कोई पोस्ट नहीं किया गया है। पश्चिम एशिया में यह बड़ा संघर्ष तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इजराइल ने पिछले महीने ईरान पर संयुक्त हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की खबर सामने आई थी, जिसके बाद क्षेत्र में युद्ध भड़क गया।इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए। रिपोर्टों के अनुसार इस युद्ध में अब तक 2,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकतर लोग ईरान में बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात इसी तरह बने रहे तो यह संघर्ष पूरे मध्य-पूर्व को और बड़े युद्ध में धकेल सकता है।