Jobs: 2030 तक डेटा सेंटर सेक्टर में 1 लाख नौकरियां, AI स्किल्स वालों की होगी सबसे ज्यादा मांग

Edited By Updated: 14 Jul, 2026 05:54 PM

100 000 jobs in the data center sector by 2030 highest demand

नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए एक अच्छी खबर है। भारत की तेजी से बढ़ती डेटा सेंटर इंडस्ट्री आने वाले वर्षों में देश के सबसे बड़े रोजगार देने वाले सेक्टर में शामिल हो सकती है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2030 तक इस क्षेत्र में करीब 1 लाख कुशल पेशेवरों...

बिजनेस डेस्कः नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए एक अच्छी खबर है। भारत की तेजी से बढ़ती डेटा सेंटर इंडस्ट्री आने वाले वर्षों में देश के सबसे बड़े रोजगार देने वाले सेक्टर में शामिल हो सकती है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2030 तक इस क्षेत्र में करीब 1 लाख कुशल पेशेवरों (स्किल्ड प्रोफेशनल्स) की आवश्यकता होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते निवेश के चलते विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है।

एनएलबी सर्विसेज की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की स्थापित डेटा सेंटर क्षमता मौजूदा लगभग 1.5 गीगावाट से बढ़कर 2030 तक 6.5 गीगावाट तक पहुंच सकती है। इसी अवधि में देश का डेटा सेंटर बाजार 22 अरब डॉलर से अधिक का होने का अनुमान है।

126 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस क्षेत्र में अब तक 126 अरब डॉलर से ज्यादा के निवेश की प्रतिबद्धताएं की जा चुकी हैं। इससे डेटा सेंटर उद्योग देश के सबसे तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टरों में शामिल हो गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यदि उद्योग, शिक्षा संस्थान और सरकार मिलकर भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार नहीं करते, तो स्किल गैप इस विकास की रफ्तार को प्रभावित कर सकता है।

युवाओं के लिए रोजगार और कौशल निर्माण का बड़ा अवसर

एनएलबी सर्विसेज के सीईओ सचिन अलुग के अनुसार, भारत में डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार केवल तकनीकी विकास नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और कौशल निर्माण का बड़ा अवसर है। उनका कहना है कि डिजिटल परिवर्तन के साथ AI इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड ऑपरेशंस, ऑटोमेशन, पावर सिस्टम और क्रिटिकल फैसिलिटी मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ेगी।

रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले वर्षों में AI इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियर, क्लाउड ऑपरेशंस स्पेशलिस्ट, डेवऑप्स, एमएलऑप्स, डेटा सेंटर ऑटोमेशन इंजीनियर, लिक्विड कूलिंग इंजीनियर, एनर्जी ऑप्टिमाइजेशन स्पेशलिस्ट और पावर सिस्टम एक्सपर्ट जैसे पदों पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि भविष्य में AI आधारित वर्कलोड भारत की कुल डेटा सेंटर क्षमता का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा होगा। ऐसे में AI और डेटा सेंटर तकनीकों से जुड़ी विशेषज्ञता इस क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण कौशलों में शामिल होगी।
 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!