बीते वित्त वर्ष 49 क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज एफआईयू के पास पंजीकृत: रिपोर्ट

Edited By Updated: 05 Jan, 2026 04:37 PM

49 cryptocurrency exchanges registered with the fiu in the last financial year

वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान कुल 49 क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) के पास पंजीकृत हुए। एक रिपोर्ट के अनुसार इनमें से ज्यादातर भारत में स्थित हैं। यह पंजीकरण इस क्षेत्र से धन शोधन और आतंकवादी वित्तपोषण से जुड़े जोखिमों को कम...

नई दिल्लीः वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान कुल 49 क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) के पास पंजीकृत हुए। एक रिपोर्ट के अनुसार इनमें से ज्यादातर भारत में स्थित हैं। यह पंजीकरण इस क्षेत्र से धन शोधन और आतंकवादी वित्तपोषण से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए देश की कानूनी व्यवस्था के तहत किया गया है। इन एक्सचेंजों द्वारा संघीय एजेंसी को दी गई संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट (एसटीआर) के विश्लेषण में पाया गया कि क्रिप्टो फंड का दुरुपयोग हवाला, जुआ, घोटाले, धोखाधड़ी और अवैध वयस्क सामग्री वाली वेबसाइट चलाने जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। 

कानूनी भाषा में क्रिप्टो करेंसी को आभासी डिजिटल परिसंपत्ति (वीडीए) कहा जाता है और इनमें व्यापार करने वाले एक्सचेंजों को वीडीए सेवा प्रदाता (वीडीए एसपी) कहा जाता है। इन एक्सचेंजों को 2023 में भारत के धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) से जुड़ी रिपोर्टिंग प्रणाली के तहत लाया गया था। पीएमएलए के तहत रिपोर्टिंग संस्था होने के नाते, इन एक्सचेंजों को एफआईयू को संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट सौंपनी होती है। एफआईयू एक संघीय एजेंसी है जो भारतीय वित्तीय प्रणाली के किसी भी दुरुपयोग को रोकने और उसका पता लगाने के लिए काम करती है। 

वित्त वर्ष 2024-25 की रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में क्रिप्टो करेंसी का परिदृश्य तेजी से विकसित हो रहा है और हाल के वर्षों में इसने वित्तीय क्षेत्र को बदलने की अपनी क्षमता के कारण ध्यान आकर्षित किया है। रिपोर्ट के अनुसार वीडीए और इनके सेवा प्रदाताओं के साथ धन शोधन और आतंकी वित्तपोषण के कुछ संभावित जोखिम हैं। ऐसा इनकी वैश्विक पहुंच, तीव्र निपटान की क्षमता, सीधे लेनदेन की सुविधा और लेनदेन के प्रवाह तथा पक्षों की पहचान छिपाने की संभावना के कारण है। मार्च 2025 तक 49 वीडीए सेवा प्रदाता एफआईयू के पास रिपोर्टिंग संस्थाओं के रूप में पंजीकृत थे, जिनमें से 45 एक्सचेंज स्वदेशी (भारत में स्थित) थे, जबकि बाकी चार विदेश में स्थित थे।  

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