सऊदी अरब पर फिर बड़ा हमला, दुनिया का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र बनाया निशाना

Edited By Updated: 04 Mar, 2026 07:18 PM

ras tanura hit again as projectile strikes saudi aramco facility

सऊदी अरब के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र Ras Tanura Oil Terminal पर फिर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। Saudi Aramco द्वारा संचालित यह टर्मिनल वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम है। हमले से क्षेत्रीय सुरक्षा और तेल शिपमेंट को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

International Desk: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब के पूर्वी तट पर स्थित Ras Tanura Oil Terminal पर एक बार फिर ड्रोन हमला हुआ है। यह टर्मिनल दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यात केंद्रों में गिना जाता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की अहम कड़ी है यह कुछ ही दिनों में दूसरी घटना है, जिसने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक  रास तनुरा परिसर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल गिरा।

 

راس تنوره در عربستان سعودی — یکی از حیاتی‌ترین پایانه‌های صادرات نفت جهان که روزانه میلیون‌ها بشکه نفت آرامکو را به بازارهای جهانی ارسال می‌کند — برای دومین بار در این جنگ هدف حمله قرار گرفت.

گزارش‌ها حاکی است یک پرتابه یا پهپاد به این مجتمع نفتی اصابت کرده و نگرانی‌ها درباره… pic.twitter.com/kM63ZiEjqK — NICTV24 (@nictv24) March 4, 2026

इससे पहले सोमवार को ड्रोन हमले के बाद कॉम्प्लेक्स अस्थायी रूप से बंद किया गया था। नुकसान और संचालन पर असर को लेकर अभी आधिकारिक बयान नहीं आया है।  यह सुविधा Saudi Aramco संचालित करती है और सऊदी कच्चे तेल के बड़े हिस्से का निर्यात यहीं से होता है। रास तनुरा, Saudi Aramco का प्रमुख निर्यात टर्मिनल है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल एशिया, यूरोप और अमेरिका को भेजा जाता है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले तेल कीमतों में उछाल ला सकते हैं और पहले से अस्थिर बाजार को और हिला सकते हैं।

 

क्यों अहम है रास तनुरा?

  • दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यात टर्मिनलों में शामिल
  • खाड़ी क्षेत्र की प्रमुख शिपिंग लेन के करीब
  • Strait of Hormuz के समीप रणनीतिक स्थिति
  • वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है
  • पहले हुए हमले ने ही ऊर्जा बाजार को झटका दिया था, और ताजा घटना से जोखिम और बढ़ गया है।

 

ईरान-इजरायल तनाव के बीच ऊर्जा ढांचे पर लगातार हमले यह संकेत देते हैं कि अब रणनीतिक आर्थिक ठिकाने भी सीधे निशाने पर हैं।  विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हमले जारी रहे, तो तेल कीमतों में उछाल और वैश्विक सप्लाई चेन में गंभीर बाधा आ सकती है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार  ड्रोन को एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट करने की कोशिश की। नुकसान का आकलन जारी है
 

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