अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस को आंध्र प्रदेश में 8,500 करोड़ रुपए की बिजली पारेषण परियोजना मिली

Edited By Updated: 24 Jul, 2026 03:56 PM

adani energy solutions wins 8 500 crore power transmission project in andhra

निजी क्षेत्र की प्रमुख बिजली पारेषण और वितरण कंपनी अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) को आंध्र प्रदेश में 8,500 करोड़ रुपए की अंतरराज्यीय बिजली पारेषण परियोजना मिली है। यह परियोजना विशाखापत्तनम क्षेत्र में प्रस्तावित हरित हाइड्रोजन और हरित

नई दिल्लीः निजी क्षेत्र की प्रमुख बिजली पारेषण और वितरण कंपनी अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) को आंध्र प्रदेश में 8,500 करोड़ रुपए की अंतरराज्यीय बिजली पारेषण परियोजना मिली है। यह परियोजना विशाखापत्तनम क्षेत्र में प्रस्तावित हरित हाइड्रोजन और हरित अमोनिया परियोजनाओं के लिए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित की जाएगी। अडानी समूह की कंपनी एईएसएल के अनुसार, इस परियोजना से लगभग 4,500 मेगावाट बिजली की अनुमानित मांग पूरी की जा सकेगी। इसके अलावा, पेंडुर्थी-विशाखापत्तनम क्षेत्र में डेटा सेंटर और डिजिटल बुनियादी ढांचे में बढ़ते निवेश के कारण बिजली की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में भी यह परियोजना मददगार होगी। 

भारत सरकार की शुल्क-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) व्यवस्था के तहत 'आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम क्षेत्र में प्रस्तावित हरित हाइड्रोजन एवं हरित अमोनिया परियोजनाओं के लिए बिजली पारेषण प्रणाली (प्रथम चरण)' परियोजना के लिए एईएसएल सबसे कम बोलीदाता के रूप में उभरी। इस परियोजना का संचालन विशेष प्रयोजन इकाई (एसपीवी) 'विजाग पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड' के माध्यम से किया जाएगा। इसके तहत पेंडुर्थी (विशाखापत्तनम) में 765/400 केवी क्षमता का 4×1,500 एमवीए गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन (जीआईएस) और खम्मम-द्वितीय में 765/400 केवी क्षमता का 3×1,500 एमवीए सबस्टेशन स्थापित किया जाएगा। 

परियोजना के पूरा होने के बाद एईएसएल के पारेषण नेटवर्क में 1,582 सर्किट किलोमीटर (सीकेएम) बिजली पारेषण लाइन जुड़ जाएगी। इसके साथ ही कंपनी का कुल पारेषण नेटवर्क बढ़कर 29,531 सर्किट किलोमीटर हो जाएगी। अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कंदर्प पटेल ने कहा, "विशाखापत्तनम पारेषण परियोजना भारत के औद्योगिक वृद्धि के अगले चरण के लिए ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे आंध्र प्रदेश में हरित हाइड्रोजन और हरित अमोनिया उत्पादन क्षमता के विकास को बढ़ावा मिलेगा, वहीं पेंडुर्थी-विशाखापत्तनम क्षेत्र में विकसित हो रहे डिजिटल बुनियादी ढांचे के लिए बिजली ग्रिड भी मजबूत होगा।" 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!