Edited By jyoti choudhary,Updated: 17 Jan, 2026 01:44 PM
शुक्रवार को देश के वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में 1.25% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। उम्मीद की जा रही थी कि मौजूदा वैश्विक हालात के बीच चांदी 3 लाख रुपए प्रति किलो का स्तर छू लेगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। जानकारों के मुताबिक,
बिजनेस डेस्कः शुक्रवार को देश के वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में 1.25% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। उम्मीद की जा रही थी कि मौजूदा वैश्विक हालात के बीच चांदी 3 लाख रुपए प्रति किलो का स्तर छू लेगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। जानकारों के मुताबिक, चांदी की तेजी थमने के पीछे पांच बड़े कारण रहे, जिनमें अमेरिका–ईरान तनाव में कमी से लेकर मुनाफावसूली तक शामिल हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी 3,815 रुपए की गिरावट के साथ 2,87,762 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। कारोबार के दौरान चांदी 2,84,045 रुपए के निचले स्तर तक फिसल गई थी। इससे एक दिन पहले चांदी 2,91,577 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। लगातार पांच कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद शुक्रवार को पहली बार गिरावट देखने को मिली।
चांदी में गिरावट के 5 बड़े कारण...
अमेरिका–ईरान तनाव में नरमी
अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव में कमी के संकेत मिले हैं। खबरों के मुताबिक अमेरिका की ओर से ईरान पर तत्काल सैन्य कार्रवाई की संभावना कम हुई है। इससे निवेशकों का रुख सेफ हेवन एसेट्स से हटता दिखा।
फेड चेयरमैन और ट्रंप के बीच टकराव कम
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल के बीच बयानबाजी में नरमी आई है। ट्रंप की ओर से पॉवेल के खिलाफ कड़े कदमों से इनकार करने से बाजार को राहत मिली।
अमेरिका में बेरोजगारी दर घटी
अमेरिका में रोजगार सृजन की रफ्तार भले धीमी रही, लेकिन बेरोजगारी दर घटकर 4.4% पर आ गई। इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत मिला और कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा।
डॉलर इंडेक्स में मजबूती
डॉलर इंडेक्स 6 हफ्तों के उच्च स्तर 99.83 के करीब पहुंच गया है। डॉलर की मजबूती आमतौर पर चांदी जैसी कमोडिटी की कीमतों पर दबाव बनाती है।
मुनाफावसूली का असर
गुरुवार को चांदी लाइफटाइम हाई पर पहुंची थी। इसके बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू की, जिससे शुक्रवार को तेज गिरावट देखने को मिली।
क्या 3 लाख रुपए का स्तर पार होगा?
या वेल्थ के डायरेक्टर अनुज गुप्ता के अनुसार, मौजूदा हालात में मार्च कांट्रैक्ट में चांदी के दामों का 3 लाख रुपए तक पहुंचना कठिन है। उन्होंने कहा कि मार्च कांट्रैक्ट में कीमतें 2.90 लाख से 2.95 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के दायरे में रह सकती हैं। हालांकि, मई कांट्रैक्ट में चांदी के दाम 3 लाख रुपए के स्तर को छू सकते हैं।
शुक्रवार को मई कांट्रैक्ट की चांदी 2,99,993 रुपए प्रति किलोग्राम के लाइफटाइम हाई तक पहुंची थी लेकिन बाद में गिरकर 2,95,424 रुपए पर बंद हुई।
जनवरी में मजबूत रही तेजी
आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को MCX पर चांदी के दाम 2,41,048 रुपए प्रति किलोग्राम थे, जो अब बढ़कर 2,87,762 रुपए हो चुके हैं। इस तरह जनवरी के दौरान चांदी की कीमतों में करीब 46,700 रुपए यानी लगभग 19 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है।
दिल्ली सर्राफा बाजार में रिकॉर्ड स्तर
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को चांदी की कीमत 3,600 रुपए की तेजी के साथ 2,92,600 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। कारोबारियों के मुताबिक औद्योगिक मांग और स्टॉकिस्टों की लगातार खरीदारी से स्थानीय बाजार में चांदी के दाम मजबूत बने हुए हैं।
विदेशी बाजारों में कमजोरी
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में न्यूयॉर्क के कॉमेक्स पर चांदी के वायदा भाव 4.13 प्रतिशत गिरकर 88.54 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुए। वहीं यूरोपीय और ब्रिटिश बाजारों में भी चांदी के दामों में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।