Edited By jyoti choudhary,Updated: 03 Nov, 2026 01:18 PM

एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक टेवोल्डे गेब्रेमरियम ने मंगलवार को कहा कि विमानन कंपनी अपने हवाई अड्डा केंद्रों (हब) एवं नेटवर्क में संतुलन बनाएगी, लागत घटाएगी तथा चौड़े आकार वाले और विमान खरीदने पर विचार
नई दिल्लीः एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक टेवोल्डे गेब्रेमरियम ने मंगलवार को कहा कि विमानन कंपनी अपने हवाई अड्डा केंद्रों (हब) एवं नेटवर्क में संतुलन बनाएगी, लागत घटाएगी तथा चौड़े आकार वाले और विमान खरीदने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि एयरलाइन वृद्धि के बड़े अवसरों का लाभ उठाने की तैयारी कर रही है। घाटे में चल रही कंपनी की रणनीति बताते हुए गेब्रेमरियम ने कहा कि एयर इंडिया विदेशों में अपनी बाजार हिस्सेदारी फिर से हासिल करना चाहती है।
अक्टूबर में आधिकारिक रूप से पदभार संभालने वाले गेब्रेमरियम ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 'एविएशन इंडिया एंड साउथ एशिया 2026' सम्मेलन में कहा, ''एयर इंडिया अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर रही है और यह स्थिति बदलेगी।'' वृद्धि के ''बड़े अवसरों'' का लाभ उठाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि विमानन कंपनी चौड़े आकार वाले विमानों का ऑर्डर बढ़ाना चाहेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी का अंतरराष्ट्रीय उड़ान नेटवर्क फिर से संतुलित किया जाएगा और दिल्ली तथा मुंबई के अलावा बेंगलुरु को तीसरे बड़े केंद्र (हब) के रूप में विकसित करने पर विचार किया जाएगा।
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया महत्वाकांक्षी बदलाव योजना पर काम कर रही है। कंपनी को पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र बंद होने से उसके अंतरराष्ट्रीय परिचालन पर पड़ रहे असर सहित कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। गेब्रेमरियम ने कहा कि लाभप्रदता चिंता का विषय है लेकिन कंपनी दक्षता बढ़ाने और लागत घटाने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया को मुनाफे में आते देखने के लिए वह शेयरधारकों से भी अधिक बेचैन हैं।