Edited By jyoti choudhary,Updated: 01 Feb, 2026 03:35 PM

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए बैंकिंग सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि देश के बैंकिंग सिस्टम की व्यापक समीक्षा के लिए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया जाएगा, जो सुधारों पर आधारित नई विकास योजना...
बिजनेस डेस्कः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए बैंकिंग सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि देश के बैंकिंग सिस्टम की व्यापक समीक्षा के लिए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया जाएगा, जो सुधारों पर आधारित नई विकास योजना तैयार करेगी। इस पहल का उद्देश्य भारतीय बैंकों को ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप भविष्य के लिए तैयार करना है।
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर फिलहाल मजबूत स्थिति में है। बैंकों की बैलेंस शीट सुदृढ़ है, मुनाफा ऐतिहासिक उच्च स्तर पर है, एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार हो रहा है और प्रोविजन कवरेज 98 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। अब जरूरत इस सेक्टर को अगले स्तर तक ले जाने की है, जिसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
हाई-लेवल कमेटी करेगी संरचना और दक्षता की समीक्षा
सीतारमण ने बताया कि प्रस्तावित हाई-लेवल कमेटी बैंकिंग सिस्टम की संरचना, कार्यकुशलता और भविष्य की तैयारियों की समीक्षा करेगी। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि भारतीय बैंक आने वाले आर्थिक विस्तार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह तैयार हों।
NBFC के लिए भी साफ रोडमैप
बजट में नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFC) के लिए भी ‘विकसित भारत’ विजन के तहत एक स्पष्ट रोडमैप की घोषणा की गई। वित्त मंत्री ने कहा कि खास तौर पर सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीएफसी के लिए क्रेडिट डिस्बर्समेंट और टेक्नोलॉजी अपनाने से जुड़े ठोस लक्ष्य तय किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीएफसी में स्केल और दक्षता बढ़ाने के पहले कदम के तौर पर पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन (REC) में रिस्ट्रक्चरिंग का प्रस्ताव रखा गया है।
वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी भारतीय बैंकिंग
माना जा रहा है कि इन कदमों से भारतीय बैंकों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी। फिलहाल मार्केट कैप के लिहाज से भारत का कोई भी बैंक दुनिया की टॉप 100 कंपनियों में शामिल नहीं है, जबकि चीन के कई बैंक इस सूची में हैं। हालांकि, एसेट्स के आधार पर भारत के दो बैंक दुनिया के टॉप-10 बैंकों में शामिल हैं, जो भारतीय बैंकिंग सेक्टर की मजबूती को दर्शाता है।