Gold Strategy: गिरावट में खरीदारी की सलाह, एक्सपर्ट बोले— सोने का भाव जाएगा ₹2.3 लाख तक

Edited By Updated: 22 Jan, 2026 11:54 AM

buy on dips advise experts gold prices expected to reach 2 3 lakh

दुनियाभर में बढ़ती आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सोना एक बार फिर निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। हालिया गिरावट को विशेषज्ञ मुनाफावसूली मान रहे हैं और उनका कहना है कि यह घबराने की नहीं, बल्कि खरीदारी की रणनीति अपनाने का मौका है।...

बिजनेस डेस्कः दुनियाभर में बढ़ती आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सोना एक बार फिर निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। हालिया गिरावट को विशेषज्ञ मुनाफावसूली मान रहे हैं और उनका कहना है कि यह घबराने की नहीं, बल्कि खरीदारी की रणनीति अपनाने का मौका है। जानकारों के मुताबिक, अगर मौजूदा रुझान बना रहता है तो आने वाले समय में सोने का भाव ₹2.3 लाख प्रति औंस तक पहुंच सकता है, जिससे लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत रिटर्न मिलने की उम्मीद है।

बीते एक साल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 73 फीसदी उछलकर 4,800 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच चुकी है। जानकारों का मानना है कि यह तेजी अभी थमी नहीं है और आने वाले दो से तीन साल में सोना 7,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को भी छू सकता है।

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क्यों मजबूत हुआ सोना?

SAMCO सिक्योरिटीज के अपूर्व शेठ के मुताबिक, सोने में आई इस तेज उछाल के पीछे कई बड़े कारण हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, सरकारों का लगातार बढ़ता खर्च और राजकोषीय घाटा, केंद्रीय बैंकों की आक्रामक खरीदारी और ब्याज दरों का मौजूदा माहौल—इन सभी ने मिलकर सोने को मजबूती दी है। उनका कहना है कि बीच-बीच में भले ही कीमतों में उतार-चढ़ाव आए लेकिन सोना अब भी लंबी अवधि के निवेश के लिए मजबूत आधार बना हुआ है, न कि सिर्फ तात्कालिक मुनाफे का जरिया।

7,000 डॉलर का लक्ष्य कैसे होगा हासिल?

अपूर्व शेठ के अनुसार, तकनीकी विश्लेषण के आधार पर सोने का अगला बड़ा लक्ष्य करीब 7,040 डॉलर प्रति औंस के आसपास बनता है। अगर रुपया मौजूदा स्तरों के करीब स्थिर रहता है, तो भारत में MCX पर सोने की कीमत लगभग 2.3 लाख रुपए प्रति औंस तक पहुंच सकती है यानी आने वाले वर्षों में सोना निवेशकों को चौंकाने की पूरी क्षमता रखता है।

क्रिस्टोफर वुड की भविष्यवाणी

जेफरीज के ग्लोबल इक्विटी स्ट्रैटेजी हेड क्रिस्टोफर वुड भी सोने को लेकर काफी आशावादी हैं। उनका मानना है कि मौजूदा तेजी के इस चरण में सोना 6,600 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। वुड के मुताबिक, यह अनुमान सोने के पिछले शिखर और अमेरिका की आय के ऐतिहासिक आंकड़ों पर आधारित है। उनका कहना है कि पिछली बड़ी तेजी के दौर में सोने की कीमत अमेरिकी आमदनी के एक निश्चित अनुपात के बराबर थी और उसी गणित से मौजूदा दौर का टारगेट 6,600 डॉलर प्रति औंस निकलता है।

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हल्की गिरावट के बावजूद रुख मजबूत

गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट जरूर दर्ज की गई। इसकी वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से यूरोपीय यूनियन पर टैरिफ को लेकर बदला हुआ रुख माना जा रहा है। MCX पर सोने की कीमत करीब 2 फीसदी फिसली, जबकि चांदी 3.20 लाख रुपए प्रति किलो से नीचे आ गई। हालांकि, इस गिरावट से निवेशकों का भरोसा कमजोर नहीं पड़ा है।

गिरावट में खरीदारी की सलाह

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर का कहना है कि तकनीकी चार्ट पर MCX सोना अब भी मजबूती के संकेत दे रहा है। उनके मुताबिक, हालिया गिरावट मुनाफावसूली का नतीजा है, न कि ट्रेंड में बदलाव का संकेत। अगर सोना 1.58 से 1.60 लाख रुपए के स्तर को पार करता है, तो अगला लक्ष्य 1.65 से 1.70 लाख रुपए तक हो सकता है। विशेषज्ञों की सलाह साफ है—गिरावट से घबराने के बजाय इसे खरीदारी का मौका मानें और लंबी अवधि के नजरिये से सोने में निवेश बनाए रखें, क्योंकि इसकी असली चमक अभी बाकी है।

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