2 अक्टूबर के No UPI Day को लेकर कैट का स्पष्टीकरण, सोशल मीडिया पोस्ट को बताया भ्रामक

Edited By Updated: 26 Sep, 2026 12:31 PM

cait clarifies stance on october 2 no upi day  terms social media post mislead

व्यापारी संगठन 'कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स' (कैट) ने दो अक्टूबर को देशव्यापी 'नो यूपीआई डे' का आह्वान करने संबंधी खबरों का खंडन करते हुए इन्हें तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक बताया। कैट ने एक बयान में कहा कि कुछ मीडिया खबरों और

नई दिल्लीः व्यापारी संगठन 'कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स' (कैट) ने दो अक्टूबर को देशव्यापी 'नो यूपीआई डे' का आह्वान करने संबंधी खबरों का खंडन करते हुए इन्हें तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक बताया। कैट ने एक बयान में कहा कि कुछ मीडिया खबरों और सोशल मीडिया पोस्ट में संगठन की तरफ से दो अक्टूबर को 'नो यूपीआई डे' की घोषणा किए जाने का दावा किया गया है। 

इन खबरों में कहा गया है कि 15 अक्टूबर से 2,000 रुपए से अधिक के चुनिंदा यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित एमडीआर लगाए जाने के विरोध में यह घोषणा की गई है। व्यापारी निकाय ने कहा कि कुछ व्यापारिक संगठन और क्षेत्रीय निकाय 'मर्चेंट डिस्काउंट रेट' (एमडीआर) के मुद्दे पर स्वतंत्र रूप से कार्यक्रम या विरोध की घोषणा कर सकते हैं। कैट ने कहा कि ये उनके अपने फैसले हैं और इन्हें किसी भी तरह कैट से जोड़ना या उसके नाम से बताना उचित नहीं है। 

कैट ने 'नो यूपीआई डे' की घोषणा पर कहा, ''ये खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं तथा कैट के आधिकारिक रुख को प्रतिबिंबित नहीं करती हैं।'' 15 अक्टूबर से 2,000 रुपए से अधिक के व्यक्ति-से-व्यापारी (पी2एम) यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू होगा, जिसका भुगतान व्यापारी करेंगे। वहीं, 75,000 रुपए या उससे अधिक के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपए होगा। व्यक्ति से व्यक्ति भुगतान और रोजमर्रा के अधिकांश व्यापारी भुगतान पहले की तरह निशुल्क रहेंगे।


 

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