Edited By jyoti choudhary,Updated: 30 Sep, 2026 05:04 PM

यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर कारोबारियों के विरोध में अहम अपडेट सामने आया है। 2 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित No UPI Day का आह्वान वापस ले लिया गया है। यह फैसला ट्रेडर्स के प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय वित्त
नई दिल्लीः यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर कारोबारियों के विरोध में अहम अपडेट सामने आया है। 2 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित No UPI Day का आह्वान वापस ले लिया गया है। यह फैसला ट्रेडर्स के प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के बाद लिया गया।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल के नेतृत्व में करीब 20 वरिष्ठ कारोबारी नेताओं ने नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में वित्त मंत्री से मुलाकात की।
₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर MDR का मुद्दा
बैठक में ₹2,000 से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित 0.40% MDR को लेकर कारोबारियों की चिंताओं पर चर्चा हुई। ट्रेड संगठनों ने कहा कि इस व्यवस्था का असर खासतौर पर छोटे और मध्यम कारोबारियों की लागत पर पड़ सकता है। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ कारोबारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं डालने की मांग रखी।
No UPI Day का आह्वान वापस
वित्त मंत्री के साथ हुई बातचीत और कारोबारियों की चिंताओं पर विचार किए जाने के आश्वासन के बाद AICPDF और AIMRA ने 2 अक्टूबर के प्रस्तावित No UPI Day को वापस लेने का फैसला किया। कारोबारी संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध यूपीआई या डिजिटल भुगतान व्यवस्था के खिलाफ नहीं है। उन्होंने डिजिटल इंडिया और यूपीआई के विस्तार के प्रति अपना समर्थन दोहराया।
बैठक में कई प्रमुख ट्रेड संगठन शामिल
प्रतिनिधिमंडल में ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स फेडरेशन (AICPDF) के अध्यक्ष धैर्यशील पाटिल, ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) के चेयरमैन कैलाश लाखयानी और ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा समेत विभिन्न कारोबारी क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
सरकार और ट्रेडर्स के बीच बातचीत जारी रहने की उम्मीद
वित्त मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की चिंताओं को सुना और डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के साथ सभी हितधारकों के हितों पर ध्यान देने की बात कही।