Edited By jyoti choudhary,Updated: 12 Feb, 2026 06:06 PM

कमोडिटी बाजार में आज तांबा (कॉपर) सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, जबकि सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स पर कॉपर की कीमत बढ़कर करीब 5.9865 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। वहीं गुरुवार को घरेलू वाय
बिजनेस डेस्क: कमोडिटी बाजार में आज तांबा (कॉपर) सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, जबकि सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स पर कॉपर की कीमत बढ़कर करीब 5.9865 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। वहीं गुरुवार को घरेलू वायदा बाजार MCX पर तांबा 0.44 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 1253.45 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ और आज कारोबार की शुरुआत में इसमें और तेजी देखने को मिली।
कॉपर की कीमतों में तेजी की वजह
कॉपर की कीमतों में तेजी की बड़ी वजह भविष्य से जुड़ी मांग है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट, एआई डेटा सेंटर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टरों में तांबे का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों के विस्तार की उम्मीद है, जिससे तांबे की मांग मजबूत बनी हुई है। इसके उलट, फिलहाल सोना और चांदी में कमजोरी देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों का ध्यान कॉपर की ओर बढ़ा है।
निवेशकों के लिए कॉपर एक वैकल्पिक अवसर बनकर उभर रहा है। सोना और चांदी के ऊंचे दामों से दूर रहने वाले निवेशक अब कम कीमत वाले लेकिन इंडस्ट्रियल डिमांड से जुड़े इस मेटल में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। 2025 से अब तक कॉपर ने अच्छा रिटर्न दिया है और कई विश्लेषकों को आगे भी इसमें मजबूती की उम्मीद है।
हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, इसलिए कॉपर में निवेश करते समय सावधानी जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि के नजरिए से तांबा बेहतर विकल्प बन सकता है, लेकिन निवेश से पहले बाजार की स्थिति और जोखिम को समझना जरूरी है।