PMO का नया पता तय! 13 फरवरी से ‘सेवा तीर्थ’ से चलेगा देश का प्रशासन, PM मोदी कल करेंगे उद्घाटन

Edited By Updated: 12 Feb, 2026 11:06 PM

pm narendra modi inauguration

रायसीना हिल पर दशकों से संचालित प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अब नए पते पर जाने जा रहा है। 13 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘सेवा तीर्थ’ नामक अत्याधुनिक परिसर का उद्घाटन करेंगे,

नेशरल डेस्क: रायसीना हिल पर दशकों से संचालित प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अब नए पते पर जाने जा रहा है। 13 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘सेवा तीर्थ’ नामक अत्याधुनिक परिसर का उद्घाटन करेंगे, जिसके साथ ही PMO औपचारिक रूप से यहां स्थानांतरित हो जाएगा। यह कदम सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना के तहत प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है।

 क्या है कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल?

दोपहर 1:30 बजे – प्रधानमंत्री ‘सेवा तीर्थ’ नाम का औपचारिक अनावरण करेंगे। इसके बाद कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 का उद्घाटन किया जाएगा। शाम करीब 6 बजे – नए परिसर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इससे पहले, 13 फरवरी को दोपहर में साउथ ब्लॉक में अंतिम कैबिनेट बैठक आयोजित होगी, जिसके बाद कार्यालयों का शिफ्टिंग प्रोसेस पूरा किया जाएगा।

‘सेवा तीर्थ’ में क्या होगा खास?

नया परिसर प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय को एक ही कैंपस में समाहित करेगा। पहले ये इकाइयां अलग-अलग इमारतों में संचालित होती थीं।

नई बिल्डिंग में शामिल हैं:

  • डिजिटल इंटीग्रेटेड ऑफिस सिस्टम
  • स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल और हाई-लेवल सिक्योरिटी नेटवर्क
  • एडवांस मॉनिटरिंग और इमरजेंसी रिस्पॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर

सेंट्रलाइज्ड रिसेप्शन और नागरिक संपर्क सुविधाएं

यह परिसर 4-स्टार GRIHA रेटिंग मानकों के अनुरूप बनाया गया है, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी और वॉटर कंजर्वेशन सिस्टम भी शामिल हैं। इसे पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा दक्ष बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

नॉर्थ और साउथ ब्लॉक का बदलेगा रूप

ब्रिटिश काल में हर्बर्ट बेकर द्वारा डिजाइन किए गए नॉर्थ और साउथ ब्लॉक अब प्रशासनिक उपयोग से बाहर हो जाएंगे। इन्हें ‘युगे-युगेन भारत’ नेशनल म्यूजियम में परिवर्तित किया जाएगा।

इस प्रस्तावित संग्रहालय में:

  • भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक यात्रा का विस्तृत प्रदर्शन
  • लगभग 25 से 30 हजार कलाकृतियों की प्रदर्शनी
  • विश्वस्तरीय म्यूजियम इंफ्रास्ट्रक्चर
  • बताया जा रहा है कि यह दुनिया के सबसे बड़े संग्रहालयों में शामिल हो सकता है।

प्रशासनिक बदलाव का नया अध्याय

यह परिवर्तन केवल स्थानांतरण नहीं, बल्कि प्रशासनिक संरचना के आधुनिकीकरण और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। औपनिवेशिक विरासत वाली इमारतों से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बढ़ता यह कदम शासन के नए विज़न को दर्शाता है। 13 फरवरी 2026 को होने वाला यह बदलाव देश के प्रशासनिक इतिहास में एक अहम पड़ाव के रूप में दर्ज होगा।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!