Edited By jyoti choudhary,Updated: 05 Feb, 2026 02:50 PM

घरेलू और वैश्विक संकेतों के बीच तांबे के बाजार में आज कमजोरी हावी रही। चीन से सप्लाई बढ़ने की आशंका, एशियाई वेयरहाउसों में बढ़ते भंडार और लूनर न्यू ईयर से पहले सुस्त मांग ने कॉपर की कीमतों पर दबाव बना दिया। घरेलू कमोडिटी बाजार में MCX पर कॉपर 2...
बिजनेस डेस्कः घरेलू और वैश्विक संकेतों के बीच तांबे के बाजार में आज कमजोरी हावी रही। चीन से सप्लाई बढ़ने की आशंका, एशियाई वेयरहाउसों में बढ़ते भंडार और लूनर न्यू ईयर से पहले सुस्त मांग ने कॉपर की कीमतों पर दबाव बना दिया। घरेलू कमोडिटी बाजार में MCX पर कॉपर 2 फीसदी से ज्यादा गिरकर करीब 1220 के स्तर तक फिसल गया, जिससे निवेशकों की सतर्कता बढ़ गई।
बाजार सूत्रों के अनुसार, चीन में इस साल रिफाइंड कॉपर उत्पादन में करीब 5 फीसदी वृद्धि का अनुमान है, जबकि पिछले साल भी उत्पादन में लगभग 10 फीसदी की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। दुनिया के सबसे बड़े मेटल उत्पादक और उपभोक्ता देश में सप्लाई मजबूत होने से ओवरसप्लाई की आशंका बढ़ गई है, जिसने निवेशकों को मुनाफावसूली और नई बिकवाली के लिए प्रेरित किया।
एशिया स्थित लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) के वेयरहाउसों में भी कॉपर का स्टॉक बढ़ने लगा है। माना जा रहा है कि जो मेटल पहले अमेरिका भेजा जाना था, वह अब एशियाई भंडार में जमा हो रहा है। इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल वैश्विक बाजार में मांग के मुकाबले सप्लाई ज्यादा है।
डिमांड की तरफ से भी राहत नहीं मिल रही। चीन में लूनर न्यू ईयर से पहले फैक्ट्री गतिविधियां धीमी पड़ गई हैं, जिससे मैन्युफैक्चरिंग और फैब्रिकेशन सेक्टर की खरीदारी कम हुई है। इसके अलावा अन्य धातुओं और कीमती मेटल्स में कमजोरी ने भी पूरे मेटल कॉम्प्लेक्स का सेंटिमेंट बिगाड़ दिया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, MCX पर 1220 का स्तर फिलहाल अहम सपोर्ट जोन बनता जा रहा है। अगर ग्लोबल दबाव और स्टॉक में बढ़ोतरी जारी रहती है तो आने वाले सत्रों में कॉपर में और गिरावट देखने को मिल सकती है। फिलहाल बाजार की नजर चीन के उत्पादन आंकड़ों और लूनर न्यू ईयर के बाद मांग में संभावित सुधार पर टिकी हुई है।