Edited By jyoti choudhary,Updated: 07 May, 2026 06:06 PM

भारतीय शेयर बाजार में पेनी स्टॉक्स को आमतौर पर बेहद जोखिम भरा माना जाता है लेकिन पिछले पांच वर्षों में कुछ छोटी कंपनियों ने निवेशकों को चौंकाने वाला रिटर्न दिया है। कभी कुछ पैसों या 20 रुपए से कम कीमत पर मिलने वाले कई शेयर अब हजारों करोड़ रुपए की...
बिजनेस डेस्कः भारतीय शेयर बाजार में पेनी स्टॉक्स को आमतौर पर बेहद जोखिम भरा माना जाता है लेकिन पिछले पांच वर्षों में कुछ छोटी कंपनियों ने निवेशकों को चौंकाने वाला रिटर्न दिया है। कभी कुछ पैसों या 20 रुपए से कम कीमत पर मिलने वाले कई शेयर अब हजारों करोड़ रुपए की कंपनियों में बदल चुके हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, मई 2021 में ऐसे कम से कम 18 शेयर थे जिनकी कीमत 20 रुपए से कम थी लेकिन आज उनकी मार्केट वैल्यू 3,000 करोड़ रुपए से लेकर 12,000 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है।
इस सूची में सबसे चर्चित नाम Diamond Power Infrastructure का है। मई 2021 में कंपनी का शेयर सिर्फ 7 पैसे पर कारोबार कर रहा था, जो अब बढ़कर करीब 167 रुपए तक पहुंच गया है। कंपनी का मार्केट कैप भी 19 करोड़ रुपए से बढ़कर करीब 8,819 करोड़ रुपए हो गया है।
डिफेंस सेक्टर का जलवा
क्लीन एनर्जी और डिफेंस सेक्टर में सरकार के बढ़ते निवेश का फायदा कई छोटी कंपनियों को मिला है। Waaree Renewable Technologies इसका बड़ा उदाहरण है। 2021 में करीब 14 रुपए का यह शेयर अब 1,000 रुपए के पार पहुंच चुका है और निवेशकों को 70 गुना से ज्यादा रिटर्न दे चुका है।
इसी तरह KPI Green Energy का शेयर 6 रुपए से बढ़कर 455 रुपए के ऊपर पहुंच गया। रक्षा क्षेत्र में काम करने वाली Apollo Micro Systems ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का शेयर 10 रुपए से बढ़कर करीब 308 रुपए तक पहुंच गया, जबकि उसका मार्केट कैप 11,000 करोड़ रुपए से अधिक हो चुका है।
रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर
रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सरकारी खर्च बढ़ने से Jupiter Wagons जैसी कंपनियों को भी बड़ा फायदा मिला। कंपनी का शेयर 16 रुपए से बढ़कर करीब 296 रुपए तक पहुंच गया और इसकी बाजार वैल्यू 12,700 करोड़ रुपए हो गई।
इसके अलावा Transformers and Rectifiers India और Avantel जैसी कंपनियों ने भी निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हर पेनी स्टॉक सफल नहीं होता और निवेश से पहले कंपनी की कमाई, कारोबार और सरकारी नीतियों का गहराई से विश्लेषण जरूरी है।