Edited By jyoti choudhary,Updated: 03 Oct, 2026 06:18 PM

दवा कंपनी सिप्ला लिमिटेड ने कहा है कि उसकी अनुषंगी सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज के पुणे के वडकी स्थित माल भंडारण एवं वितरण (सीएंडएफ) केंद्र का दवा बिक्री और वितरण लाइसेंस रद्द करने का महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) का फैसला
मुंबईः दवा कंपनी सिप्ला लिमिटेड ने कहा है कि उसकी अनुषंगी सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज के पुणे के वडकी स्थित माल भंडारण एवं वितरण (सीएंडएफ) केंद्र का दवा बिक्री और वितरण लाइसेंस रद्द करने का महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) का फैसला 'निराशाजनक' है।
कंपनी ने यह भी कहा कि वह गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने शुक्रवार को कहा कि उसने नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज लिमिटेड के पुणे के वडकी स्थित माल भंडारण एवं वितरण केंद्र का दवा बिक्री एवं वितरण लाइसेंस रद्द कर दिया है। एफडीए ने बयान में कहा कि यह कार्रवाई बंबई उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में नए सिरे से कार्यवाही पूरी करने के बाद की गई है।
यह कार्रवाई एफडीए की 27 अगस्त को की गई पिछली कार्रवाई के बाद हुई है। उस समय विभाग ने रिएक्टिन प्लस टैबलेट की पैकेजिंग, भंडारण, दस्तावेजीकरण और बाजार से दवा वापस लेने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के संबंध में गोदाम के खिलाफ कार्रवाई की थी। सिप्ला ने बयान में कहा, ''कंपनी गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और पुणे के वाडकी स्थित उसके सीएंडएफए के संबंध में महाराष्ट्र एफडीए का फैसले से निराश है।''
कंपनी ने कहा, ''पुणे स्थित गोदाम वितरण एवं भंडारण संबंधी प्रोटोकॉल और डिजिटल रिकॉर्ड रखने के मानकों के अनुरूप काम करता है। कंपनी महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आदेश की समीक्षा कर रही है और आगे के विकल्पों पर विचार कर रही है।''