‘फंड मैनेजर’ बनकर फंसाया, 88 साल के प्रोफेसर से ठगे 2.89 करोड़, आप भी रहें सावधान

Edited By Updated: 25 Jul, 2025 11:22 AM

fraudulently implicated 88 year old professor rs 2 89 crore by  fund manager

देश में साइबर फ्रॉड के नए-नए तरीके हर दिन सामने आ रहे हैं। अब ठग ओटीपी मांगने या फर्जी लिंक भेजने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों को डिजिटल निवेश और शेयर बाजार के नाम पर भी ठगा जा रहा है। ताजा मामला नोएडा सेक्टर-36 से सामने आया है, जहां 88 वर्षीय...

बिजनेस डेस्कः देश में साइबर फ्रॉड के नए-नए तरीके हर दिन सामने आ रहे हैं। ठगी के तरीके अब इतनी तेजी से बदल रहे हैं कि आम लोगों को समझ पाना मुश्किल होता जा रहा है कि कौन असली है और कौन जाल बिछा रहा है। अब ठग ओटीपी मांगने या फर्जी लिंक भेजने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों को डिजिटल निवेश और शेयर बाजार के नाम पर भी ठगा जा रहा है। नोएडा से सामने आए एक चौंकाने वाले मामले में एक फर्जी ‘फंड मैनेजर’ ने शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का लालच देकर 88 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर से 2.89 करोड़ रुपए की ठगी कर डाली। महिला ने भावनात्मक जुड़ाव और फर्जी ऐप के जरिए ‘ट्रेनिंग’ देकर बुजुर्ग प्रोफेसर को अपने जाल में फंसा लिया। यह घटना न सिर्फ दिल दहला देने वाली है, बल्कि यह भी बताती है कि जागरूक रहना अब पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।

ऐसे जाल में फंसे प्रोफेसर

ताजा मामला नोएडा सेक्टर-36 से सामने आया है, जहां 88 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर रामकृष्ण शिवपुरी को 15-30% डेली प्रॉफिट का लालच देकर करीब 2.89 करोड़ रुपए की साइबर ठगी कर ली गई। 1 अप्रैल को रामकृष्ण शिवपुरी को एक महिला का फोन आता है, जो खुद को एक फंड मैनेजर बताती है और अपना नाम 'कीर्ति सराफ' बताती है। महिला प्रोफेसर को निवेश का सुझाव देती है और एक ऐप के जरिए उन्हें ट्रेनिंग देने का दावा करती है। बाद में उसने उन्हें व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया, जहां 'कृष्ण रथ' नामक शख्स उन्हें फर्जी निवेश की ट्रेनिंग देता है।

महिला ने भावनात्मक जुड़ाव बनाने के लिए अपने कोविड-काल के संघर्षों की तस्वीरें साझा कीं और कहा कि निवेश से ही वह फिर से खड़ी हो सकी। उसने प्रोफेसर को यह भी सलाह दी कि वे इस निवेश की जानकारी परिवार से साझा न करें।

21 बार में लगा दिए करोड़ों

महिला ने प्रोफेसर को बताया कि उसने अपना घर बेचकर उनके अकाउंट में 50 लाख रुपए निवेश किए हैं। उसकी बातों और झूठे मुनाफे के दावों पर भरोसा कर रिटायर्ड प्रोफेसर ने 21 किस्तों में कुल 2.89 करोड़ रुपए निवेश कर दिए। जब उन्होंने पैसे वापस लेने की कोशिश की, तो स्कैमर्स ने ‘टैक्स भुगतान’ की मांग की। पहले तो उन्होंने टैक्स भी भरा, लेकिन जब रकम लगातार बढ़ाई जाने लगी, तब उन्हें ठगी का शक हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज करवाई।

 

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