Edited By jyoti choudhary,Updated: 11 Aug, 2026 12:46 PM

शेयर बाजार की शीर्ष 1,000 कंपनियों की कमाई में सुधार आने से अगले 18 से 24 महीनों के दौरान उनके कुल बाजार पूंजीकरण और कॉरपोरेट मुनाफे के बीच का अंतर कम होने की संभावना है। एक वरिष्ठ संपत्ति प्रबंधक ने सोमवार को यह बात कही। आदित्य बिड़ला
मुंबईः शेयर बाजार की शीर्ष 1,000 कंपनियों की कमाई में सुधार आने से अगले 18 से 24 महीनों के दौरान उनके कुल बाजार पूंजीकरण और कॉरपोरेट मुनाफे के बीच का अंतर कम होने की संभावना है। एक वरिष्ठ संपत्ति प्रबंधक ने सोमवार को यह बात कही। आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी के मुख्य निवेश अधिकारी (इक्विटी) हरीश कृष्णन ने बताया, ''पिछली तीन तिमाहियों के दौरान कंपनियों की कमाई में काफी तेजी से सुधार होना शुरू हुआ है। इस वजह से बाजार पूंजीकरण और मुनाफे के बीच का अंतर कम हुआ है।''
संपत्ति प्रबंधन कंपनी (एएमसी) के अनुसार पिछले 21 महीनों के दौरान शीर्ष 1,000 सूचीबद्ध कंपनियों का मुनाफा 18 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि इस अवधि में उनका बाजार पूंजीकरण मोटे तौर पर स्थिर रहा है। कृष्णन ने कहा कि 18 से 24 महीने पहले की तुलना में समग्र बाजार काफी बेहतर स्थिति में है और कंपनियों के नतीजों में आगे और सुधार आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि रुपए में गिरावट और कई वैश्विक व्यापारिक समूहों के साथ किए गए व्यापारिक समझौतों से भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, जिससे कॉरपोरेट मुनाफे को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया, ''पूंजीगत खर्च करने वाली कंपनियों की संख्या भी धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से बढ़ रही है। इसलिए, मुझे पूरा विश्वास है कि कंपनियों की यह बेहतर होती कमाई शेयर बाजार के मूल्यांकन को और मजबूत करेगी।''
कृष्णन ने बताया कि दुनिया के कुल बाजार पूंजीकरण में भारत की हिस्सेदारी फिलहाल लगभग तीन प्रतिशत है। उन्हें उम्मीद है कि अगले 18 महीनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी बढ़कर छह से आठ प्रतिशत या उससे भी ज्यादा हो जाएगी। इससे विश्व अर्थव्यवस्था में भारत के आर्थिक कद और उसके शेयर बाजार की हिस्सेदारी के बीच का अंतर खत्म होगा।