Edited By jyoti choudhary,Updated: 28 Feb, 2026 12:02 PM

सोने की कीमतों में तेज उछाल का सीधा असर गोल्ड लोन बाजार पर दिखने लगा है। जनवरी में गोल्ड लोन में 128 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि पिछले साल जनवरी में यह वृद्धि 91 फीसदी थी।
बिजनेस डेस्कः सोने की कीमतों में तेज उछाल का सीधा असर गोल्ड लोन बाजार पर दिखने लगा है। जनवरी में गोल्ड लोन में 128 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि पिछले साल जनवरी में यह वृद्धि 91 फीसदी थी।
Reserve Bank of India (आरबीआई) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, गोल्ड जूलरी के बदले बैंकों का आउटस्टेंडिंग लोन पहली बार 4 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है। 31 जनवरी तक यह आंकड़ा 4,00,517 करोड़ रुपए रहा।
बैंक क्रेडिट में गोल्ड लोन की बढ़ती हिस्सेदारी
जनवरी में कुल बैंक क्रेडिट ग्रोथ 14.4 फीसदी रही। पर्सनल लोन 34.5 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा सेगमेंट बना रहा और बैंक क्रेडिट में इसकी लगभग एक तिहाई भागीदारी रही। इसके बाद सर्विसेज सेक्टर का स्थान रहा, जहां एनबीएफसी को दिए जाने वाले कर्ज में सबसे अधिक तेजी देखी गई। इंक्रिमेंटल बैंक क्रेडिट में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी 9 फीसदी रही। 26 जनवरी 2024 से 31 जनवरी 2026 के बीच कुल आउटस्टेंडिंग क्रेडिट में 3.1 लाख करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है। इसी अवधि में सोने की कीमतों में 152 फीसदी की तेज बढ़ोतरी ने गोल्ड लोन की मांग को मजबूत आधार दिया है।
सेक्टरवार तस्वीर
सेक्टरवार आंकड़ों में साल के पहले महीने में रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में 62 फीसदी की तेज वृद्धि दर्ज की गई। आरबीआई ने इस क्षेत्र को बैंकों के लिए अनिवार्य कर्ज श्रेणी में शामिल कर रखा है, जिससे लेंडिंग को बढ़ावा मिला है। वहीं, अमेरिकी टैरिफ में बदलाव के असर से जनवरी में एक्सपोर्ट क्रेडिट 17.2 फीसदी घट गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में इसमें 7 फीसदी की वृद्धि हुई थी। कुल नॉन-फूड क्रेडिट 14 फीसदी बढ़ा, जो एक साल पहले 11 फीसदी की वृद्धि से अधिक है। रिटेल लोन में जनवरी में 15 फीसदी की तेजी रही, जबकि पिछले साल यह 12 फीसदी बढ़ा था। रिटेल श्रेणी में एजुकेशन लोन दूसरे सबसे तेज बढ़ने वाले सेगमेंट के रूप में उभरा, जिसमें 14 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। कॉरपोरेट सेक्टर में कर्ज वृद्धि 12 फीसदी रही, जो एक साल पहले 8 फीसदी थी। इंडस्ट्रीज के भीतर जेम्स एंड जूलरी तथा इंजीनियरिंग सेक्टर में समान रूप से 36 फीसदी की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो इन्हें सबसे तेज बढ़ने वाले क्षेत्रों में शामिल करती है।
कुल मिलाकर, सोने की बढ़ती कीमतों ने गोल्ड लोन को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है और बैंकिंग सिस्टम में इसकी भूमिका लगातार मजबूत होती दिख रही है।