Edited By jyoti choudhary,Updated: 28 Feb, 2026 04:11 PM

मध्यपूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों की धड़कनें तेज कर दी हैं। United States द्वारा Iran पर कार्रवाई और Israel की ओर से हमलों के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। ईरान ने भी जवाबी हमला किया है, जिससे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बन गई है।...
बिजनेस डेस्कः मध्यपूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों की धड़कनें तेज कर दी हैं। United States द्वारा Iran पर कार्रवाई और Israel की ओर से हमलों के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। ईरान ने भी जवाबी हमला किया है, जिससे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बन गई है। इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल का सीधा असर कमोडिटी बाजार, खासकर सोना और चांदी पर पड़ने की आशंका है।
सेफ हेवन डिमांड से बढ़ेगी चमक
विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध या भू-राजनीतिक संकट के समय निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। सोना और चांदी पारंपरिक रूप से “सेफ हेवन” एसेट माने जाते हैं। ऐसे में सोमवार को बाजार खुलने पर कीमती धातुओं में तेज उछाल देखने को मिल सकता है।
सोने में 10–15% तक तेजी की संभावना
कमोडिटी जानकारों के अनुसार वायदा बाजार में सोने की कीमतों में 10 से 15 फीसदी तक उछाल संभव है। अनुमान है कि मौजूदा स्तर से करीब 20,000 से 23,000 रुपए प्रति दस ग्राम तक की बढ़ोतरी हो सकती है। अगर तनाव लंबा चलता है तो सोना 1.75 लाख से 1.85 लाख रुपए प्रति दस ग्राम के स्तर तक पहुंच सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा हालात सोने के लिए एक नया ट्रिगर साबित हो सकते हैं।
चांदी भी पकड़ सकती है रफ्तार
सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी की कीमतों में भी मजबूत तेजी की संभावना जताई जा रही है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक चांदी 2.90 लाख से 3.20 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच सकती है। मौजूदा कीमतों की तुलना में इसमें 20,000 से 40,000 रुपए तक की बढ़ोतरी संभव है। अगर युद्ध का दायरा बढ़ता है तो चांदी में और उछाल देखने को मिल सकता है।
मौजूदा कीमतों का हाल
हालिया कारोबारी सत्र में वायदा बाजार में सोना 2,395 रुपए की तेजी के साथ 1,62,104 रुपए प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ। इससे पहले 29 जनवरी को सोना 1,93,096 रुपए प्रति दस ग्राम के स्तर तक पहुंचकर रिकॉर्ड ऊंचाई छू चुका है। वहीं चांदी 14,691 रुपए की तेजी के साथ 2,82,644 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। इससे पहले चांदी भी अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुंच चुकी थी।