LPG पर बड़ी खबर, मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकार अलर्ट, उत्पादन बढ़ाने का आदेश

Edited By Updated: 06 Mar, 2026 06:36 PM

government on alert amid middle east crisis orders increase in lpg production

मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस (एल.पी.जी.)की उपलब्धता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आपात शक्तियों (इमरजैंसी पावर)का इस्तेमाल करते हुए सभी तेल...

बिजनेस डेस्कः मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस (एल.पी.जी.)की उपलब्धता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आपात शक्तियों (इमरजैंसी पावर)का इस्तेमाल करते हुए सभी तेल रिफाइनरियों को एल.पी.जी. उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से सप्लाई चेन में रुकावट आ सकती है। इससे गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने 5 मार्च को देर रात यह आदेश जारी किया। इस आदेश में कहा गया है कि अब रिफाइनरियां अपने पास मौजूद प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी। इन गैसों का उपयोग किसी और काम में नहीं किया जाएगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त एल.पी.जी. केवल इंडियन ऑयल (आई.ओ.सी.), भारत पैट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बी.पी.सी.एल.) और हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एच.पी.सी.एल.) को ही दी जाएगी, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस की आपूर्ति बिना बाधा जारी रहे।

देश में करीब 33 करोड़ सक्रिय एल.पी.जी. उपभोक्ता हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिसमें 85-90 प्रतिशत आपूर्ति होर्मुज मार्ग से आती है, इसलिए सरकार ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन बढ़ाने और वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत तलाशने में जुटी है।

होर्मुज रूट के भरोसे नहीं, हमारे पास पर्याप्त स्टॉक

सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने कहा कि हमारे पास ऊर्जा के इतने सोर्स हैं कि हम सिर्फ होर्मुज रूट के भरोसे नहीं हैं। कच्चे तेल, पैट्रोलियम प्रोडक्ट्स और एल.पी.जी. के मामले में हम काफी अच्छी स्थिति में हैं। हमारे पास अभी पर्याप्त स्टॉक है, चिंता की बात नहीं है। हम दुनिया के दूसरे हिस्सों से सप्लाई बढ़ा रहे हैं ताकि होर्मुज के रास्ते होने वाली सप्लाई की कमी को पूरा किया जा सके।

सरकार का कहना है कि हम 2022 से रूस से कच्चा तेल खरीद रहे हैं। 2022 में हम अपनी जरूरत का सिर्फ 0.2 प्रतिशत तेल रूस से मंगाते थे। वहीं इस साल फरवरी में हमारी कुल जरूरत का 20 प्रतिशत हिस्सा रूस से आया है। फरवरी में भारत ने रूस से हर दिन 10.4 लाख बैरल कच्चा तेल इम्पोर्ट किया है। मैंगलोर रिफाइनरी एंड पैट्रोकैमिकल्स लिमिटेड (एम.आर.पी.एल.) रिफाइनरी बंद होने की खबरें गलत हैं। रिफाइनरी के पास तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!