Petrol-Diesel News: अभी और बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम, ₹3 की बढ़ोतरी सिर्फ शुरुआत

Edited By Updated: 15 May, 2026 12:06 PM

petrol and diesel prices set to rise further 3 rs hike just beginning

तेल कंपनियों पर बढ़ते घाटे और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आगे और बढ़ोतरी होने की आशंका जताई जा रही है। पेट्रोल और डीजल के दाम 3 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि...

बिजनेस डेस्कः तेल कंपनियों पर बढ़ते घाटे और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आगे और बढ़ोतरी होने की आशंका जताई जा रही है। पेट्रोल और डीजल के दाम 3 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह अंतिम बढ़ोतरी नहीं है। विश्लेषकों के अनुसार कंपनियों का घाटा पूरी तरह खत्म करने के लिए कीमतों में करीब 16 फीसदी तक और इजाफा करना पड़ सकता है, जिससे कई राज्यों में पेट्रोल 100 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच सकता है।

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विश्लेषण के अनुसार, 15 मई को पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में चार वर्षों बाद बढ़ोतरी की गई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण तेल कंपनियों पर लागत का दबाव लगातार बढ़ रहा है। हालांकि हालिया वृद्धि से कंपनियों का घाटा कुछ कम हुआ है लेकिन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।

जुलाई 2025 में कच्चे तेल की कीमत

रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई 2025 में इंडियन बास्केट कच्चे तेल की कीमत 70.95 डॉलर प्रति बैरल थी। उस समय पेट्रोल की बेस कीमत 52.09 रुपए प्रति लीटर थी। केंद्र सरकार प्रति लीटर 22.88 रुपए उत्पाद शुल्क वसूल रही थी, जबकि राज्यों को 15.40 रुपए वैट प्राप्त हो रहा था। डीलर कमीशन 4.40 रुपए प्रति लीटर था।

अब इंडियन बास्केट कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 113.99 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है यानी लगभग 61 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। पिछले वर्ष जहां डॉलर की कीमत 87.51 रुपए थी, वहीं अब यह बढ़कर 94.84 रुपए तक पहुंच गई है। इसके चलते कच्चे तेल की वास्तविक लागत में लगभग 74 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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आगे और महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल

कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में राहत दी है, जबकि सरकारी तेल कंपनियां भी लागत का बड़ा हिस्सा खुद वहन कर रही हैं। इसके बावजूद कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग 14 रुपए और डीजल पर करीब 42 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। 

अनुमान है कि यदि कच्चे तेल की कीमत 125 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचती है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः लगभग 13 रुपए और 20 रुपए प्रति लीटर तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो सकती है।

जानकारों का कहना है कि मौजूदा हालात में आने वाले महीनों में ईंधन की कीमतों में एक और बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

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