Edited By jyoti choudhary,Updated: 26 May, 2026 08:49 AM

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 26 मई 2026 को एक बार फिर तेजी लौटती दिखाई दे रही है। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद के चलते सोमवार को क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड...
बिजनेस डेस्कः अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 26 मई 2026 को एक बार फिर तेजी लौटती दिखाई दे रही है। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद के चलते सोमवार को क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान के बाद बाजार में फिर हलचल बढ़ गई है। ट्रंप ने ईरान के यूरेनियम भंडार को लेकर सख्त रुख अपनाया है, जिसके बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई और तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला। इससे वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है और आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मंगलवार को फिर बढ़ीं क्रूड ऑयल की कीमतें
मंगलवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में WTI क्रूड की कीमत बढ़कर करीब 91.23 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि ब्रेंट क्रूड लगभग 97.54 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। इससे पहले सोमवार को पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद के कारण तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी।
ट्रंप के बयान से बढ़ी बाजार की चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक नया अल्टीमेटम जारी किया है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने यूरेनियम भंडार को अंतरराष्ट्रीय निगरानी में नष्ट करे या उसे अमेरिका को सौंपे। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान उनकी शर्तें नहीं मानता है तो बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। उनके इस बयान के बाद यह संकेत मिल रहे हैं कि दोनों देशों के बीच जारी बातचीत अब यूरेनियम मुद्दे पर अटक गई है।
क्या खतरे में है अमेरिका-ईरान समझौता?
हालिया घटनाक्रम से यह आशंका बढ़ गई है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौता फिलहाल आसान नहीं दिख रहा। यदि दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है और आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
भारत में भी बढ़ चुका है पेट्रोल-डीजल का दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी उतार-चढ़ाव का असर भारत पर भी दिखाई दे रहा है। कल ही भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हुई थी। पश्चिम एशिया में शुरू हुए तनाव के बाद भारत के तेल मार्केटिंग कंपनियों ने 15 मई 2026 को पहली बार पेट्रोल डीजल की कीमत बढ़ाई थी उसके बाद से अब तक चार बार वृद्धि हो चुकी है।