घरेलू मांग में नरमी से जून में सेवा क्षेत्र की वृद्धि 17 महीने के निचले स्तर पर: पीएमआई

Edited By Updated: 03 Jul, 2026 12:22 PM

services sector growth in june fell to a 17 month low due to weak

घरेलू मांग में नरमी के कारण भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि जून में घटकर 17 महीने के निचले स्तर पर आ गई। चुनौतीपूर्ण कारोबारी परिस्थितियों और कुछ सेवाओं के लिए ग्राहकों की घटती रुचि के कारण बिक्री एवं उत्पादन की रफ्तार धीमी पड़ी। शुक्रवार को जारी

नई दिल्लीः घरेलू मांग में नरमी के कारण भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि जून में घटकर 17 महीने के निचले स्तर पर आ गई। चुनौतीपूर्ण कारोबारी परिस्थितियों और कुछ सेवाओं के लिए ग्राहकों की घटती रुचि के कारण बिक्री एवं उत्पादन की रफ्तार धीमी पड़ी। शुक्रवार को जारी मासिक सर्वेक्षण में यह जानकारी मिली। सर्वेक्षण के अनुसार, कई कंपनियों ने बताया कि बाजार की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और उनकी सेवाओं में ग्राहकों की कम रुचि के कारण बिक्री प्रभावित हुई। इससे नई भर्तियां लगभग ठप रहीं और कारोबारी भरोसा भी कमजोर हुआ। 

मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सेवा क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) जून में घटकर 57.4 पर आ गया, जो मई में 59.8 था। यह पिछले 17 महीनों का सबसे कमजोर विस्तार है। कारोबारी गतिविधियों के स्तर की पिछले महीने से तुलना के आधार पर तैयार किया जाने वाला यह सूचकांक 50 के तटस्थ स्तर और अपने दीर्घकालिक औसत, दोनों से ऊपर बना रहा। क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) में 50 से ऊपर का स्तर गतिविधियों में विस्तार और 50 से नीचे का स्तर संकुचन को दर्शाता है। सेवा क्षेत्र के उत्पादन में सुस्ती की मुख्य वजह नए ऑर्डर में ढाई साल से अधिक समय की सबसे धीमी वृद्धि रही। 

एचएसबीसी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, ''भारत का सेवा क्षेत्र पीएमआई जून में भी विस्तार के दायरे में रहा लेकिन घटकर 57.4 पर आ गया जो 17 महीनों का सबसे निचला स्तर है। रफ्तार में यह कमी अधिक चुनौतीपूर्ण कारोबारी परिस्थितियों और विशेष रूप से घरेलू मांग में कमजोरी का संकेत देती है।'' जून में निर्यात हालांकि मजबूत पक्ष में रहा। कंपनियों ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, कनाडा, जर्मनी, मलेशिया, नेपाल, ओमान, कतर, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका से मांग बढ़ी, जिससे निर्यात में तीन महीनों की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई। 

भंडारी ने कहा, '' बाहरी मांग मजबूत बनी रही और विदेशी बिक्री में वृद्धि तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई।'' कीमतों के मोर्चे पर मुद्रास्फीति की रफ्तार हल्की रही। यह दीर्घकालिक औसत से नीचे रही और नवंबर 2025 के बाद सबसे कम स्तर पर दर्ज की गई। रोजगार के मोर्चे पर अधिकतर सेवा प्रदाताओं का मानना था कि मौजूदा जरूरतों के लिए कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त है। इसलिए नई भर्तियां लगभग ठप रहीं। सर्वेक्षण के अनुसार, सेवा क्षेत्र की कंपनियों को अगले 12 महीनों में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है लेकिन सकारात्मक कारोबारी भरोसा घटकर पांच महीने के निचले स्तर पर आ गया और यह ऐतिहासिक औसत से भी नीचे रहा। इस बीच, एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट पीएमआई उत्पादन सूचकांक जून में घटकर 57.1 पर आ गया, जो मई में 59.3 था। 

यह दर्शाता है कि विनिर्माण तथा सेवा, दोनों क्षेत्रों में कारोबारी गतिविधियों, रोजगार एवं नए ऑर्डर की वृद्धि की रफ्तार धीमी हुई। समायोजित पीएमआई सूचकांक, विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र के पीएमआई सूचकांकों के भारित औसत पर आधारित होता है। इसमें दोनों क्षेत्रों का भार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में उनकी हिस्सेदारी के अनुसार तय किया जाता है। कुल बिक्री की वृद्धि जून में तीन महीनों के सबसे निचले स्तर पर रही, जबकि रोजगार सृजन की रफ्तार भी 2026 में अब तक के सबसे कमजोर स्तर पर आ गई। इसी दौरान विदेशी ऑर्डर की वृद्धि भी लगभग दो वर्षों के सबसे निचले स्तर पर रही। एचएसबीसी इंडिया सेवा पीएमआई को एसएंडपी ग्लोबल करीब 400 सेवा क्षेत्र की कंपनियों से प्राप्त जवाबों के आधार पर तैयार करता है। 
 

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