Edited By jyoti choudhary,Updated: 16 Jul, 2026 02:48 PM

हिमाचल प्रदेश के पालमपुर निवासी एक ग्राहक को खराब लैपटॉप बेचने का मामला HP इंडिया पर भारी पड़ गया। वारंटी अवधि के दौरान बार-बार शिकायत और कई बार मरम्मत के बावजूद समस्या दूर नहीं होने पर ग्राहक ने कंज्यूमर कोर्ट का रुख किया। अब
बिजनेस डेस्कः हिमाचल प्रदेश के पालमपुर निवासी एक ग्राहक को खराब लैपटॉप बेचने का मामला HP इंडिया पर भारी पड़ गया। वारंटी अवधि के दौरान बार-बार शिकायत और कई बार मरम्मत के बावजूद समस्या दूर नहीं होने पर ग्राहक ने कंज्यूमर कोर्ट का रुख किया। अब अदालत ने कंपनी को लैपटॉप की पूरी कीमत लौटाने के साथ मुआवजा और ब्याज देने का आदेश दिया है।
खरीद के कुछ महीनों बाद शुरू हुई परेशानी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विवेक भट्ट ने 8 सितंबर 2024 को चंडीगढ़ स्थित एक अधिकृत विक्रेता से HP 15S-EQ2084AU मॉडल का लैपटॉप 49,000 रुपए में खरीदा था। लैपटॉप पर एक साल की वारंटी थी।
करीब पांच महीने बाद डिवाइस में स्क्रीन फ्लिकरिंग की समस्या आने लगी। इसके साथ ही बैटरी भी तेजी से डिस्चार्ज होने लगी। कंपनी ने वारंटी के तहत बैटरी बदल दी लेकिन स्क्रीन की समस्या बनी रही। इसके बाद ग्राहक ने मई से जुलाई 2025 के बीच कई बार ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
टेक्निशियन ने बताई मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट की बात
शिकायत के दौरान हुई अंतिम सर्विस विजिट में कंपनी के टेक्निशियन ने कथित तौर पर बताया कि लैपटॉप में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट है, जिसे सामान्य रिपेयर से ठीक नहीं किया जा सकता। इसके बाद ग्राहक ने कांगड़ा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में रिफंड और मुआवजे की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई।
कंज्यूमर कोर्ट ने सुनाया फैसला
सुनवाई के दौरान HP ने शुरुआती चरण में अपना पक्ष रखा लेकिन बाद में कार्यवाही में शामिल नहीं हुई। इसके बाद आयोग ने मामले में एकतरफा (एक्स-पार्टी) सुनवाई करते हुए ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाया।
आयोग ने माना कि वारंटी अवधि में बार-बार खराब होने वाले महंगे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद को ठीक न कर पाना सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार की श्रेणी में आता है।
यह दिया आदेश
कंज्यूमर कोर्ट ने बीते दो जुलाई को इस मामले में निर्णय दिया। उसने HP इंडिया सेल्स प्राइवेट लिमिटेड को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता को लैपटॉप का मूल्य मतलब कि 49,000 रुपए वापस करे। इसके साथ ही शिकायत दायर करने की तारीख से लेकर भुगतान की तारीख तक इस रकम पर 9% का वार्षिक ब्याज भी दे। इसके अलावा, ग्राहक को हुई परेशानियों और असुविधा के लिए 5,000 रुपए और मुकदमे के खर्च के लिए 5,000 रुपए का मुआवजा भी दे। कुल मिला कर ग्राहक को 59,000 रुपए और ब्याज मिलेंगे।