Edited By jyoti choudhary,Updated: 05 Aug, 2026 05:15 PM

प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल वर्ष 2026 में भारत की सबसे आकर्षक नियोक्ता ब्रांड बनकर उभरी है, जबकि टाटा समूह और अमेजन क्रमशः दूसरे एवं तीसरे स्थान पर हैं। बुधवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। 'रैंडस्टैड एम्प्लॉयर ब्रांड रिसर्च (आरईबीआर) 2026'
नई दिल्लीः प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल वर्ष 2026 में भारत की सबसे आकर्षक नियोक्ता ब्रांड बनकर उभरी है, जबकि टाटा समूह और अमेजन क्रमशः दूसरे एवं तीसरे स्थान पर हैं। बुधवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। 'रैंडस्टैड एम्प्लॉयर ब्रांड रिसर्च (आरईबीआर) 2026' रिपोर्ट में दिया गया यह निष्कर्ष 34 बाजारों के 1.75 लाख से अधिक प्रतिभागियों और भारत में करीब 3,500 उत्तरदाताओं से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है।
46% कर्मचारी छह महीनों में नौकरी बदलने के मूड में
सर्वेक्षण रिपोर्ट कहती है कि भारत में 46 प्रतिशत कर्मचारी अगले छह महीनों में नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं, जबकि 32 प्रतिशत कर्मचारियों ने पिछले छह महीनों में नौकरी बदली है। आरईबीआर 2026 की सबसे पसंदीदा नियोक्ता कंपनियों की सूची में सैमसंग इंडिया चौथे स्थान पर, इन्फोसिस पांचवें, रिलायंस इंडस्ट्रीज छठे, आईटीसी समूह सातवें, हिंदुस्तान यूनिलीवर आठवें, महिंद्रा एंड महिंद्रा नौवें और डेल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड दसवें स्थान पर हैं।
कंपनियों को बदलनी होगी रणनीति
सर्वेक्षण के मुताबिक, काम एवं निजी जिंदगी के बीच संतुलन, समान अवसर, करियर में प्रगति, वेतन एवं लाभ और अच्छी प्रतिष्ठा भारतीय कर्मचारियों के लिए प्रमुख कारक हैं, जो नियोक्ता के चयन को प्रभावित करते हैं। रैंडस्टैड इंडिया के प्रबंध निदेशक नारायण अय्यर ने कहा, "करीब आधे कर्मचारी अगले छह महीनों में नौकरी बदलने के बारे में सोच रहे हैं। ऐसे में कंपनियों के लिए केवल सतही लाभ से आगे बढ़कर व्यापक रणनीति को अपनाना जरूरी है। कर्मचारियों की अपेक्षाएं संगठनों की संरचनात्मक क्षमता से कहीं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।"
उन्होंने कहा कि भारत के वैश्विक निवेश आकर्षित करने और अपनी आर्थिक उपस्थिति बढ़ाने के साथ वही संगठन प्रतिभा को आकर्षित करने और उसे बरकरार रखने में आगे रहेंगे, जो अपनी प्रतिभा रणनीतियों पर सक्रिय रूप से पुनर्विचार करेंगे। अय्यर ने कहा, "भविष्य उन नियोक्ताओं का ही है जो कर्मचारियों की वृद्धि, लचीलेपन, निष्पक्षता, उद्देश्य और पुरस्कार के बीच संतुलन स्थापित कर सकें।"
करियर वृद्धि न होने पर नौकरी छोड़ने की संभावना
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का कार्यबल अब 'संतुलित नियोक्ता' के दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां कंपनियों को सार्थक कार्य, करियर वृद्धि, समावेशन, कल्याण, लचीलापन और प्रतिस्पर्धी वेतन एक साथ प्रदान करने की जरूरत है। सर्वेक्षण से पता चलता है कि प्रदर्शन की मान्यता, करियर में निरंतरता, विश्वसनीय वेतन और लाभ भारत में नौकरी सुरक्षा के प्रमुख आधार हैं। हालांकि, विभिन्न क्षेत्रों में अपेक्षाएं लगभग समान हैं लेकिन डिजिटल क्षेत्र के पेशेवर प्रतिस्पर्धी वेतन को अधिक महत्व देते हैं और करियर वृद्धि के अवसर न होने पर उनके नौकरी छोड़ने की संभावना भी अधिक होती है।