Edited By jyoti choudhary,Updated: 22 Aug, 2026 11:57 AM

New FD Rules: अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसा लगाने की योजना बना रहे हैं, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए नियम आपके लिए अहम हैं। नए दिशानिर्देशों के तहत बैंकों को FD की ब्याज दरों में ज्यादा पारदर्शिता बरतनी होगी। ये नियम 1 अक्टूबर 2026 से...
New FD Rules: अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसा लगाने की योजना बना रहे हैं, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए नियम आपके लिए अहम हैं। नए दिशानिर्देशों के तहत बैंकों को FD की ब्याज दरों में ज्यादा पारदर्शिता बरतनी होगी। ये नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे।
एक जैसी FD पर अलग ब्याज दर नहीं?
नए नियमों का मकसद ग्राहकों के साथ ब्याज दरों को लेकर भेदभाव की गुंजाइश कम करना है। अगर एक ही बैंक में दो ग्राहक समान राशि, समान अवधि और समान शर्तों के साथ FD कराते हैं, तो केवल अलग-अलग शाखाओं या स्थान के आधार पर उन्हें अलग ब्याज दर देने की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए।
इससे FD कराने वाले ग्राहकों को बैंक की अलग-अलग शाखाओं में मिलने वाली दरों को लेकर ज्यादा स्पष्टता मिलेगी।
बैंक की वेबसाइट पर दिखानी होगी ब्याज दर
RBI के नए निर्देशों के तहत बैंकों को अपनी FD से जुड़ी ब्याज दरों की जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होगी। इसका फायदा यह होगा कि ग्राहक बैंक जाने से पहले ही अलग-अलग अवधि और जमा राशि पर लागू ब्याज दरों की जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे। इससे अलग-अलग बैंकों की FD दरों की तुलना करना भी आसान हो जाएगा।
पुरानी FD वालों पर क्या पड़ेगा असर?
अगर आपकी FD पहले से चल रही है, तो नए नियम लागू होने के साथ उसकी ब्याज दर अपने आप नहीं बदलेगी यानी केवल 1 अक्टूबर 2026 से नियम बदलने की वजह से मौजूदा FD का ब्याज अचानक बढ़ने या घटने की बात नहीं है। नए नियमों का मुख्य असर बैंकों की FD दरों को निर्धारित और प्रदर्शित करने की प्रक्रिया पर होगा।
3 करोड़ रुपए वाली FD का क्या है नियम?
RBI के मुताबिक 3 करोड़ रुपए से कम की जमा राशि को रिटेल डिपॉजिट की श्रेणी में रखा जाता है, जबकि 3 करोड़ रुपए या उससे अधिक की एकल जमा राशि को बल्क डिपॉजिट माना जाता है। बल्क डिपॉजिट के लिए अलग नियम और ब्याज दरों की व्यवस्था हो सकती है।