Edited By jyoti choudhary,Updated: 27 Oct, 2026 04:20 PM

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत ने पश्चिम एशिया संकट के दौरान एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ आयात के स्रोतों की संख्या 27 से बढ़ाकर 41 की। उन्होंने यह भी कहा कि देश की तेल शोधन क्षमता 2030 तक बढ़कर 30 करोड़ टन
पणजीः पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत ने पश्चिम एशिया संकट के दौरान एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ आयात के स्रोतों की संख्या 27 से बढ़ाकर 41 की। उन्होंने यह भी कहा कि देश की तेल शोधन क्षमता 2030 तक बढ़कर 30 करोड़ टन सालाना होने की उम्मीद है। पुरी ने यहां आयोजित '29वें ऊर्जा प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन' के दौरान अलग से संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दैनिक घरेलू एलपीजी उत्पादन 34,000 टन से बढ़कर 55,000 टन हो गया। इसके साथ ही अमेरिका और अल्जीरिया जैसे देशों से आयात बढ़ाकर खाड़ी क्षेत्र से आपूर्ति में आए गतिरोध की भी भरपाई की गई।
उन्होंने कहा कि संकट की प्रकृति का पहले से अनुमान लगाना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन उससे निपटने की तैयारी पहले से की जा सकती है। भारत ने इसी दृष्टिकोण के तहत आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोत विकसित किए, जिससे संकट के दौरान देश में रसोई गैस की व्यापक अनुपलब्धता की स्थिति नहीं आई। पुरी ने कहा कि एलपीजी की कमी की अफवाहों के कारण सिलेंडर बुकिंग में असामान्य वृद्धि हुई।
सामान्य तौर पर प्रतिदिन 51-52 लाख सिलेंडर की बुकिंग होती थी, जो बढ़कर करीब 90 लाख तक पहुंच गई थी। उन्होंने कहा, "इतनी बड़ी वृद्धि वास्तविक खपत बढ़ने का नतीजा नहीं हो सकती है। सरकार ने जमाखोरी और सिलेंडरों की अवैध आपूर्ति रोकने के लिए कदम उठाए। राज्यों के अधिकारियों ने छापेमारी की और सिलेंडर जब्त किए, जिसके बाद बुकिंग में कमी आई।" पुरी ने कहा कि भारत की तेल रिफाइनिंग क्षमता फिलहाल करीब 29 करोड़ टन सालाना है, जिसके 2030 तक बढ़कर 30 करोड़ टन सालाना हो जाने की उम्मीद है।
मौजूदा रिफाइनरियों की क्षमता बढ़ाने और नई परियोजनाओं से इस विस्तार में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ''रिफाइनिंग क्षमता में बड़े पैमाने पर वृद्धि से हम न केवल अपनी जरूरतों के लिए, बल्कि दुनिया के लिए भी तेल शोधन करने की स्थिति में होंगे।'' पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि जहां यूरोप और पश्चिमी देशों के कुछ हिस्सों में रिफाइनिंग क्षमता घट रही है, वहीं भारत अपनी क्षमता बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि यूरोप में हर साल कम-से-कम 2.5 लाख बैरल प्रतिदिन की रिफाइनिंग क्षमता घट रही है।
पुरी ने कहा कि भारत में रिफाइनरियां अपनी क्षमता बढ़ा रही हैं। कुछ तीन लाख टन सालाना क्षमता वाली रिफाइनरियों की क्षमता छह लाख टन और छह लाख टन क्षमता वाली रिफाइनरियों की क्षमता नौ लाख टन तक बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ती उत्पादन क्षमता से भारत घरेलू बाजार और विदेशों, दोनों की जरूरतें पूरी करने की स्थिति में होगा।