Edited By jyoti choudhary,Updated: 24 Oct, 2026 06:25 PM

उद्योग संगठन फिक्की ने भारत के विनिर्माण और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में नीदरलैंड के निवेश को बढ़ावा देने की अपील की है। संगठन ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए संयुक्त उद्यम, प्रौद्योगिकी साझेदारी और आपूर्तिकर्ता विकास कार्यक्रमों पर...
एम्स्टर्डमः उद्योग संगठन फिक्की ने भारत के विनिर्माण और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में नीदरलैंड के निवेश को बढ़ावा देने की अपील की है। संगठन ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए संयुक्त उद्यम, प्रौद्योगिकी साझेदारी और आपूर्तिकर्ता विकास कार्यक्रमों पर जोर दिया है।
फिक्की के महासचिव अनंत स्वरूप ने कहा कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की नीदरलैंड की मौजूदा यात्रा निवेश संबंधी चर्चाओं को ठोस परियोजनाओं में बदलने में मदद कर सकती है। इसके तहत कारोबारी जगत और सरकारी एजेंसियों को एक साथ लाकर स्थान चयन, प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे, आपूर्तिकर्ताओं और नियामकीय मंजूरियों से जुड़े मुद्दों का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि फिक्की चार प्रमुख क्षेत्रों में प्रगति देखना चाहता है। इनमें विनिर्माण साझेदारी, प्रौद्योगिकी सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला का एकीकरण और परियोजनाओं पर आगे की कार्रवाई शामिल हैं।
संगठन ने इंजीनियरिंग, उपकरण, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य प्रौद्योगिकी-प्रधान उद्योगों में संयुक्त उद्यमों तथा उत्पादन क्षमता के विस्तार से जुड़ी परियोजनाओं की एक सूची तैयार करने का आह्वान किया। इसके अलावा, कंपनियों, शोध संस्थानों और स्टार्टअप के बीच साझेदारी विकसित करने पर जोर दिया गया, ताकि संयुक्त रूप से नए उत्पाद विकसित किए जा सकें, घरेलू इंजीनियरिंग क्षमताओं को मजबूत किया जा सके और प्रौद्योगिकियों का व्यावसायिक इस्तेमाल बढ़ाया जा सके।
आपूर्ति श्रृंखला के एकीकरण पर स्वरूप ने कहा कि भारतीय सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को नीदरलैंड की कंपनियों की गुणवत्ता, उत्पादों की जानकारी का पता लगाने की क्षमता और टिकाऊपन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद के लिए आपूर्तिकर्ता विकास कार्यक्रम शुरू किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि निवेश प्रस्तावों के लिए संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए जाने चाहिए और क्रियान्वयन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए एक व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि चर्चाएं वास्तविक परियोजनाओं में तब्दील हो सकें।
गोयल दो दिवसीय यात्रा पर नीदरलैंड में हैं। वह करीब 100 कारोबारी प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के इस साल के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है।