Edited By jyoti choudhary,Updated: 31 Oct, 2026 11:38 AM

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत के व्यापार समझौतों से आने वाले वर्षों में 85 लाख करोड़ डॉलर के संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वाले देशों में भारतीय वस्तुओं और सेवाओं को तरजीही पहुंच मिलेगी। ऐसे में उद्योग
नई दिल्लीः केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत के व्यापार समझौतों से आने वाले वर्षों में 85 लाख करोड़ डॉलर के संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वाले देशों में भारतीय वस्तुओं और सेवाओं को तरजीही पहुंच मिलेगी। ऐसे में उद्योग जगत को बड़े घरेलू बाजार पर निर्भर रहने के बजाय वैश्विक बाजारों में विस्तार के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले भारत ने जिन देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) लागू किए थे, उनका कुल जीडीपी 10 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर था।
गोयल ने 'फेस्टिवल ऑफ आइडियाज' के चौथे संस्करण में कहा कि पिछले साढ़े चार साल में सरकार ने नौ व्यापार समझौते किए हैं, जिनमें 38 विकसित देश शामिल हैं। इन देशों का कुल जीडीपी 60 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर है। उन्होंने कहा कि भारत फिलहाल सात से आठ और व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है। इनके लागू होने से 15 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के अतिरिक्त बाजार तक भारतीय वस्तुओं और सेवाओं की तरजीही पहुंच होगी।
मंत्री ने कहा कि इन सभी व्यापार समझौतों के तहत आने वाले बाजारों का आकार वैश्विक जीडीपी का करीब 76 प्रतिशत है। दुनिया की कुल 115 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की जीडीपी में इन बाजारों की हिस्सेदारी 85 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर है। भारत कनाडा, इजराइल, मेक्सिको, खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी), दक्षिण अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (एसएसीयू) और चिली के साथ भी ऐसे ही समझौतों पर बातचीत कर रहा है।
गोयल ने कहा, ''इतने बड़े बाजार में विभिन्न मुक्त व्यापार समझौतों, द्विपक्षीय व्यापार समझौतों और तरजीही व्यापार समझौतों के जरिये हमें बेहतर पहुंच मिलेगी। अब समय आ गया है कि हम वैश्विक ब्रांड तैयार करें। यह हमारे लिए आगे बढ़ने का समय है। हमें वैश्विक बाजारों में जाना होगा और विशाल घरेलू बाजार के आरामदायक दायरे से बाहर निकलना होगा, जहां हमारे उत्पादों की खपत हो जाती है। इसके बजाय हमें विश्वस्तरीय गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाने, उनकी बेहतर पैकेजिंग करने और डिजाइन की गुणवत्ता पर ध्यान देने की जरूरत है।''