US Fed Rate Cut Impact: फेड की दर कटौती से भारतीय बाजार गुलजार, निफ्टी ने छुआ तीन महीने का टॉप

Edited By Updated: 18 Sep, 2025 10:51 AM

indian markets are buoyed by fed rate cuts nifty hits three month high

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के साल की पहली ब्याज दर कटौती से भारतीय शेयर बाजार में रौनक लौट आई है। 18 सितंबर को सेंसेक्स-निफ्टी लगातार तीसरे दिन बढ़त बनाए हुए हैं। फेड ने अपनी बेंचमार्क रेंज घटाकर 4-4.25% कर दी है और 2025 में दो और दर कटौतियों के संकेत दिए...

बिजनेस डेस्कः अमेरिकी फेडरल रिजर्व के साल की पहली ब्याज दर कटौती से भारतीय शेयर बाजार में रौनक लौट आई है। 18 सितंबर को सेंसेक्स-निफ्टी लगातार तीसरे दिन बढ़त बनाए हुए हैं। फेड ने अपनी बेंचमार्क रेंज घटाकर 4-4.25% कर दी है और 2025 में दो और दर कटौतियों के संकेत दिए हैं, जबकि 2026 में एक और कटौती की संभावना जताई है। इस कदम से निफ्टी तीन महीने के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गया है और तकनीकी चार्ट भी आगे तेजी का संकेत दे रहे हैं।

फिलहाल सेंसेक्स 352 अंक ऊपर 83,046 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में 94 अंक की तेजी है, ये 25,424 के स्तर पर है।

ग्लोबल मार्केट में मिलाजुला कारोबार

  • एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 1.09% चढ़कर 45,277 पर और कोरिया का कोस्पी 0.94% ऊपर 3,445 पर है।
  • हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.097% नीचे 26,882 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.31% चढ़कर 3,888 पर है।
  • 17 सितंबर को अमेरिका का डाउ जोन्स 0.57% ऊपर 46,018 पर बंद हुआ। नैस्डेक कंपोजिट में 0.33% और S&P 500 में 0.097% गिरावट रही।

फेड ने महंगाई से ध्यान हटाकर नौकरियों पर फोकस किया

यह दिसंबर के बाद फेड की पहली दर कटौती है, इससे पहले फेड ने पूरे साल ब्याज दरों को स्थिर रखा था। इसने टैरिफ,सख्त आव्रजन नीतियों और ट्रंप प्रशासन के दूसरे उपायों के महंगाई और ग्रोथ पर प्रभाव का पर अपना फोकस बनाए रखा था। US फेड का रुख अब बदल गया है। हालांकि महंगाई अभी भी अभी भी अपने दो फीसदी के लक्ष्य से थोड़ा ऊपर है लेकिन अब ये चिंता का मुख्य विषय नहीं है। इसके बजाय, नौकरियां फोकस में आ गई हैं। अमेरिका में भर्ती की गति तेज़ी से धीमी हो रही है और बेरोज़गारी बढ़ने लगी है। इसको देखते हुए अब ग्रोथ को बढ़ावा देने पर फोकस किया जा रहा है।

फेड ने अपनी दो दिवसीय नीति बैठक के बाद कहा, "रोजगार के लिए डाउन साइड रिस्क बढ़ गया है।" फेड अधिकारियों ने इस साल 2 और 2026 में एक अतिरिक्त कटौती की उम्मीद जताई है। यह निवेशकों की उम्मीदों से कम रही है।  

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