होर्मुज जलडमरूमध्य बाधित होने के बीच IOC ने LPG उत्पादन 30% बढ़ाया

Edited By Updated: 31 Aug, 2026 03:10 PM

ioc increases lpg production by 30 amidst disruptions in the strait of hormuz

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी ने कहा कि कंपनी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण समुद्री व्यापार प्रभावित होने और ऊर्जा आपूर्ति के जोखिम के बीच रसोई गैस (एलपीजी) उत्पादन में

नई दिल्लीः सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी ने कहा कि कंपनी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण समुद्री व्यापार प्रभावित होने और ऊर्जा आपूर्ति के जोखिम के बीच रसोई गैस (एलपीजी) उत्पादन में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी की तथा अपनी रिफाइनरियों को 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर संचालित किया। कंपनी की 67वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए साहनी ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और कच्चे तेल की आपूर्ति में चुनौतियों के बावजूद आईओसी ने कच्चे तेल के स्रोतों में विविधता, रिफाइनरी संचालन में बदलाव किया और वैकल्पिक आपूर्ति सुनिश्चित की। 

उन्होंने कहा, ''इस अभूतपूर्व संकट के दौरान इंडियन ऑयल की प्राथमिकता स्पष्ट रही है...सीमित आपूर्ति विकल्पों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव के बावजूद ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखना।'' भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का 88 प्रतिशत से अधिक आयात करता है। इसमें से करीब 45 प्रतिशत कच्चे तेल का आयात और लगभग 90 प्रतिशत एलपीजी आयात होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा है। ऐसे में इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में किसी भी बाधा का देश की ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है। साहनी ने कहा, ''पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मार्गदर्शन में कंपनी ने कच्चे तेल के आयात स्रोतों में बदलाव किया, रिफाइनरी संचालन को नए सिरे से व्यवस्थित किया और वैकल्पिक आपूर्ति श्रृंखला मजबूत की...।'' 

उन्होंने कहा कि आईओसी ने 24 घंटे नियंत्रण कक्ष, दैनिक समीक्षा और बाजार की वास्तविक समय पर निगरानी के जरिये आपूर्ति संबंधी चुनौतियों का सामना किया। पश्चिम एशिया के कच्चे तेल पर निर्भरता कम होने के बावजूद कंपनी ने उत्पादों की उपलब्धता बनाए रखी। साहनी ने कहा, ''पश्चिम एशिया के कच्चे तेल की आपूर्ति में उल्लेखनीय बदलाव के बावजूद हमारी रिफाइनरी का परिचालन 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर हुआ, कम समय में एलपीजी उत्पादन करीब 30 प्रतिशत बढ़ाया गया और गैस कारोबार ने प्राथमिक क्षेत्रों को आपूर्ति जारी रखी'' उन्होंने कहा कि मार्च, 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में आईओसी का कारोबार करीब 8.86 लाख करोड़ रुपए का रहा। कंपनी का एकल आधार पर शुद्ध लाभ 36,802 करोड़ रुपए रहा। इस दौरान पेट्रोलियम उत्पादों, प्राकृतिक गैस और पेट्रोरसायन की कुल बिक्री 10.5 करोड़ टन से अधिक रही।'' 

कंपनी की रिफाइनरी ने साल के दौरान रिकॉर्ड 7.54 करोड़ टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया। वहीं, पाइपलाइन के जरिये परिवहन 10.25 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। घरेलू पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री 8.89 करोड़ टन के अबतक के उच्चतम स्तर पर रही। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा। आईओसी ने 1.92 करोड़ टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया और उसका क्षमता इस्तेमाल 109.4 प्रतिशत रहा। कंपनी की घरेलू पेट्रोलियम उत्पाद बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 43.1 प्रतिशत हो गई। साहनी ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से तिमाही लाभ पर दबाव रहा लेकिन कंपनी के परिचालन प्रदर्शन से उसकी मजबूती पता चलता है।

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