6 लाख निवेशकों को बड़ा झटका, 18 जून को BSE-NSE पर नहीं दिखेंगे JP Associates के शेयर

Edited By Updated: 16 Jun, 2026 11:35 AM

jaiprakash associates shares will not be listed on bse and nse

जयप्रकाश एसोसिएट्स (JAL) को निवेशकों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। कंपनी के शेयर गुरुवार (18 जून) से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) से हमेशा के लिए डीलिस्ट हो जाएंगे। कंपनी ने सोमवार को जारी एक

बिजनेस डेस्कः जयप्रकाश एसोसिएट्स (JAL) के निवेशकों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। कंपनी के शेयर गुरुवार (18 जून) से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) से हमेशा के लिए डीलिस्ट हो जाएंगे। कंपनी ने सोमवार को जारी एक आधिकारिक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे डीलिस्टिंग के लिए अंतिम मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही कंपनी ने अब तक के सहयोग के लिए एक्सचेंजों का आभार भी जताया है। इस फैसले का सबसे बड़ा झटका उन 6 लाख से ज्यादा छोटे निवेशकों को लगा है, जिन्हें अपने शेयरों के बदले कोई भुगतान नहीं मिलेगा।

क्यों शून्य हुई शेयरों की कीमत?

कंपनी ने पहले ही शेयर बाजार को स्पष्ट कर दिया था कि नए रेजोल्यूशन प्लान के तहत निवेशकों को कोई रकम नहीं दी जाएगी। इसकी वजह कंपनी की बेहद खरीब वित्तीय स्थिति है। उपलब्ध संपत्तियों की कुल कीमत से सुरक्षित कर्जदाताओं का पूरा बकाया चुकाना भी संभव नहीं है।

शेयर बाजार के नियमों के तहत, दिवाला प्रक्रिया में सबसे पहले बैंकों और सुरक्षित कर्जदाताओं का पैसा चुकाया जाता है। जब उनके लिए ही रकम पर्याप्त नहीं है, तो आम शेयरधारकों को कुछ नहीं मिलता। इसी कारण निवेशकों के लिए एग्जिट प्राइस ‘शून्य’ तय किया गया है।

31 मार्च 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी में 6.48 लाख शेयरधारक थे। इनमें 6.4 लाख तो सिर्फ छोटे खुदरा निवेशक थे। कंपनी में उनकी कुल 45% हिस्सेदारी थी, जबकि 8% शेयर आईसीआईसीआई बैंक के पास भी थे। अब यह पूरी हिस्सेदारी खत्म हो जाएगी।

अडानी समूह के अधिग्रहण से बैंकों को राहत

जेपी एसोसिएट्स का मामला देश के सबसे लंबे दिवाला मामले में शामिल है। इस संकटग्रस्त कंपनी की कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) जून 2024 में शुरू हुई थी। कई दौर की कानूनी प्रक्रिया के बाद 17 मार्च, 2026 को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की इलाहाबाद बेंच ने अडानी एंटरप्राइजेज की 14,535 करोड़ रुपए की समाधान योजना (Resolution Plan) को हरी झंडी दी।

इस बड़े अधिग्रहण के जरिए जेपी ग्रीन्स और जेपी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स सिटी जैसे बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स अब अडानी ग्रुप के नियंत्रण में आ गए हैं। मई 2026 के अंत में अडानी ग्रुप ने इस योजना के तहत अपनी पहली किस्त के रूप में 6,000 करोड़ रुपए का भारी-भरकम भुगतान बैंकों को कर दिया है।

निवेशकों के लिए सबक

फिलहाल जेपी एसोसिएट्स के शेयरों की ट्रेडिंग बंद है और 18 जून को ये कंपनी स्टॉक एक्सचेंज से बाहर हो जाएगी। बाजार में निवेश करने वालों के लिए जेपी एसोसिएट्स का मामला एक बड़ा सबक है कि भारी कर्ज में डूबी कंपनी में निवेश करना उनकी पूरी जमापूंजी को जीरो कर सकता है।

 

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