Edited By jyoti choudhary,Updated: 01 Apr, 2026 01:23 PM

बैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव आने वाला है। नई व्यवस्था के तहत अब ग्राहकों को मोबाइल सिम की तरह बैंक अकाउंट पोर्ट करने की सुविधा मिल सकती है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) अपने ‘पेमेंट्स विजन 2028’ के तहत ऐसा सिस्टम लाने की तैयारी में है, जिससे ग्राहक...
बिजनेस डेस्कः बैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव आने वाला है। नई व्यवस्था के तहत अब ग्राहकों को मोबाइल सिम की तरह बैंक अकाउंट पोर्ट करने की सुविधा मिल सकती है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) अपने ‘पेमेंट्स विजन 2028’ के तहत ऐसा सिस्टम लाने की तैयारी में है, जिससे ग्राहक आसानी से अपना बैंक अकाउंट एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट कर सकेंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, इसके लिए एक केंद्रीय सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिसके जरिए ग्राहक अपने सभी ऑटो-पेमेंट, बिल, EMI और अन्य स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन को बिना किसी परेशानी के नए बैंक में ट्रांसफर कर सकेंगे।
मौजूदा समय में बैंक अकाउंट बदलना ग्राहकों के लिए मुश्किल भरा काम होता है, क्योंकि खाते से कई तरह के ऑटोमैटिक पेमेंट जुड़े होते हैं। इसी समस्या को हल करने के लिए आरबीआई ‘पेमेंट्स स्विचिंग सर्विस’ पर काम कर रहा है।
क्या होगा नए प्लेटफॉर्म में?
नए प्लेटफॉर्म के तहत ग्राहकों को एक ऐसा सिस्टम मिलेगा, जहां उनकी सभी पेमेंट से जुड़ी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध होगी। इससे वे अपने आने-जाने वाले सभी लेन-देन को आसानी से देख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर दूसरे बैंक में शिफ्ट कर सकेंगे। इस व्यवस्था से ग्राहकों की किसी एक बैंक पर निर्भरता कम होगी और बैंकिंग सेवाओं में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
विदेशी ट्रांजेक्शन होगा तेज
इसके अलावा, आरबीआई विदेशी लेन-देन को भी तेज और सस्ता बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए पूरे सिस्टम की समीक्षा की जाएगी, ताकि तकनीकी और नियामकीय बाधाओं को दूर किया जा सके। यह पहल G20 के वैश्विक मानकों के अनुरूप होगी।
क्या है मकसद
इस बदलाव का मकसद नए फिनटेक खिलाड़ियों को मौका देना, इनोवेशन को बढ़ावा देना और अंतरराष्ट्रीय ट्रांजेक्शन को सरल बनाना है। भारत पहले ही कई देशों के साथ फास्ट पेमेंट सिस्टम को जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है।